फसल बीमा क्लेम के लिए डीडवाना में किसानों का फूटा गुस्सा:सिम्भूपुरा गांव के ग्रामीणों ने लंबित बीमा क्लेम की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
डीडवाना : प्राकृतिक आपदा से तबाह हुई फसलों का मुआवजा न मिलने से आक्रोशित नावां तहसील के सिम्भूपुरा गांव के किसानों ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी लंबित बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन एक उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
पोर्टल पर दर्ज है 73% नुकसान, फिर भी भुगतान से वंचित
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि खरीफ-2023 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा की वजह से क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल पर भी सिम्भूपुरा ग्राम पंचायत में 73 प्रतिशत फसल खराबा दर्ज किया गया था। इसके बावजूद आज तक किसानों के बैंक खातों में बीमा क्लेम की एक पाई भी जमा नहीं हुई है, जिससे अन्नदाताओं में गहरी निराशा और रोष है।
वर्ष 2025 के चक्रवात ने बढ़ाई मुसीबत
किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया कि वर्ष 2025 में आए भीषण चक्रवात के कारण उनकी मूंग और मूंगफली की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई थीं। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर नुकसान की जानकारी अभी तक बीमा पोर्टल पर दर्ज ही नहीं की गई है, जिससे किसानों में प्रशासन और बीमा कंपनियों की कार्यशैली के प्रति भारी नाराजगी है।
भेदभाव का आरोप, जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों के किसानों को उनके बीमा क्लेम का भुगतान मिल चुका है, लेकिन सिम्भूपुरा के किसानों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने वर्ष 2023 और 2025 के खरीफ फसल बीमा क्लेम का शीघ्र भुगतान करने की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शन के दौरान बंशीलाल, सुभाष, नाहर सिंह, ओमप्रकाश, मोहनलाल, राजूराम, रामनाथ, सुकनाराम और जुगल सिंह सहित बड़ी संख्या में सिम्भूपुरा गांव के किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
डीडवाना (नावां तहसील): प्राकृतिक आपदा से तबाह हुई फसलों का मुआवजा न मिलने से आक्रोशित नावां तहसील के सिम्भूपुरा गांव के किसानों ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी लंबित बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन एक उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
पोर्टल पर दर्ज है 73% नुकसान, फिर भी भुगतान से वंचित
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि खरीफ-2023 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा की वजह से क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल पर भी सिम्भूपुरा ग्राम पंचायत में 73 प्रतिशत फसल खराबा दर्ज किया गया था। इसके बावजूद आज तक किसानों के बैंक खातों में बीमा क्लेम की एक पाई भी जमा नहीं हुई है, जिससे अन्नदाताओं में गहरी निराशा और रोष है।
वर्ष 2025 के चक्रवात ने बढ़ाई मुसीबत
किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया कि वर्ष 2025 में आए भीषण चक्रवात के कारण उनकी मूंग और मूंगफली की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई थीं। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर नुकसान की जानकारी अभी तक बीमा पोर्टल पर दर्ज ही नहीं की गई है, जिससे किसानों में प्रशासन और बीमा कंपनियों की कार्यशैली के प्रति भारी नाराजगी है।
भेदभाव का आरोप, जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों के किसानों को उनके बीमा क्लेम का भुगतान मिल चुका है, लेकिन सिम्भूपुरा के किसानों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने वर्ष 2023 और 2025 के खरीफ फसल बीमा क्लेम का शीघ्र भुगतान करने की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शन के दौरान बंशीलाल, सुभाष, नाहर सिंह, ओमप्रकाश, मोहनलाल, राजूराम, रामनाथ, सुकनाराम और जुगल सिंह सहित बड़ी संख्या में सिम्भूपुरा गांव के किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।

