चिरवा टनल में भूस्खलन और हादसे का बनाया गया सीन, NDRF और SDRF समेत कई एजेंसियों ने दिखाया दम; परखी गई आपातकालीन क्षमताएँ
उदयपुर: राजसमंद की श्रीनाथजी उदयपुर टोलवे प्रा. लि. (SUTPL) की ओर से बुधवार को उदयपुर की प्रसिद्ध चिरवा टनल में एक वृहद संयुक्त मॉक ड्रिल (आपातकालीन अभ्यास) का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा या सड़क हादसे के समय विभिन्न एजेंसियों के तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव क्षमता को परखना था।
धुएँ के गुबार के बीच दो वाहन टकराए, 7 लोग फँसे
अभ्यास के दौरान टनल में भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा की गई। देखते ही देखते टनल के भीतर धूल और धुएँ का घना गुबार फैल गया, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। इसी दौरान धुंध के कारण दो वाहन आपस में टकरा गए और उनमें 7 लोग फँस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही SUTPL की रूट पेट्रोल टीम, सिविल डिफेंस, SDRF, NDRF, राजस्थान पुलिस और NHAI के अधिकारी व जवान तत्काल हरकत में आए और मौके पर पहुँचे।
कटिंग टूल्स और मशीनों से सुरक्षित रेस्क्यू
रेस्क्यू टीमों ने स्थिति को सँभालते हुए अत्याधुनिक हाइड्रोलिक रेस्क्यू मशीनों और इलेक्ट्रिक कटिंग टूल्स की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों के हिस्सों को काटा। बिना समय गँवाए वाहनों में फँसे सभी 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके तुरंत बाद घायलों को एम्बुलेंस से प्राथमिक उपचार और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों ने की बेहतर तालमेल की सराहना
पूरे बचाव अभियान का निरीक्षण एनडीआरएफ के अनुपम तथा एनएचएआई (NHAI) के उच्च अधिकारियों ने किया। अभ्यास के सफल समापन पर अधिकारियों ने सभी राहत एवं बचाव एजेंसियों के बीच शानदार तालमेल, त्वरित निर्णय क्षमता और तेज़ कार्रवाई की जमकर सराहना की।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल से भविष्य में होने वाले किसी भी वास्तविक हादसे या प्राकृतिक आपदा के दौरान कम से कम समय में राहत कार्य पहुँचाकर लोगों की अनमोल जान बचाई जा सकती है।


