ग्राम हरसाना में 15 दिवसीय जैन धार्मिक एवं नैतिक संस्कार शिविर का हुआ भव्य समापन; मेधावी बच्चे हुए पुरस्कृत
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन)। अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम हरसाना में पिछले कई दिनों से बच्चों के नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए संचालित 15 दिवसीय जैन धार्मिक शिविर का आज हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। यह विशेष संस्कार निर्माण शिविर अखिल भारतीय धार्मिक एवं नैतिक संस्कार संस्था, जोधपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय जैन समाज के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
खेल-खेल में सीखी जैन धर्म की मूल शिक्षाएं
शिविर की संयोजक निशा जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इन 15 दिनों के दौरान पाठशाला के माध्यम से बच्चों को बेहद रोचक और व्यावहारिक तरीके से जैन धर्म के मूल सिद्धांतों से परिचित कराया गया। शिविर के मुख्य आकर्षण एवं सिखाए गए विषय निम्नलिखित रहे:
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मूल सिद्धांत और मंत्रोच्चार: बच्चों को 'णमोकार महामंत्र' का शुद्ध व स्पष्ट उच्चारण करना सिखाया गया और जैन धर्म के आधारभूत तत्वों की जानकारी दी गई।
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सांस्कृतिक व धार्मिक ज्ञान: बच्चों को जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों के नाम, उनकी महत्ता और देव-शास्त्र-गुरु की पूजा की विधियों का ज्ञान दिया गया।
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नैतिक मूल्य और अनुशासन: दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले अनुशासन के नियम और संस्कारों की शिक्षा दी गई, जिससे बच्चों में जीवन मूल्यों का विकास हो सके।
अनुशासित और नियमित बच्चे हुए पुरस्कृत
15 दिनों तक चले इस ज्ञानवर्धन शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले, रचनात्मक गतिविधियों में आगे रहने वाले तथा नियमित रूप से उपस्थित होने वाले बच्चों को समापन समारोह के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित कर पारितोषिक (पुरस्कार) प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
शिविर के समापन समारोह के दौरान जैन समाज का अपार उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष सुभाष चंद्र जैन (उर्फ लालाराम), पूर्व अध्यक्ष भीकम जैन, नरेंद्र जैन, राजेंद्र जैन सहित समाज के अनेक प्रबुद्ध एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने जोधपुर संस्था और संयोजक मंडल का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बच्चों के संस्कार निर्माण हेतु ऐसे शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।


