मकराना में मदरसा रज़ाए मुस्तफ़ा का उद्घाटन: तालीमी कांफ्रेंस में गूंजा अमीनुल कादरी का पैगाम— 'दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा भी है जरूरी'
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। शहर के सुन्नी शाही मस्जिद के पास, पलाड़ा रोड गली नंबर 3 स्थित मदरसा रज़ाए मुस्तफ़ा के उद्घाटन (इफ्तिताह) के मुबारक मौके पर एक दिवसीय भव्य 'सुन्नी तालीमी कांफ्रेंस' का आयोजन किया गया। मकराना की सुन्नी जामा मस्जिद के खतीब व इमाम खतीबे हिन्दुस्तान हजरत अल्लामा मौलाना अल्हाज़ मुफ़्ती शमसुद्दीन कादरी साहब की सदारत में आयोजित इस जलसे में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
तिलावत-ए-कुरआन और रूहानी नातों से हुई शुरुआत कार्यक्रम का आगाज हाफिज-ओ-कारी आसिफ रजा ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से किया। इसके बाद पाली से आए मशहूर नात ख्वान शरीफ रजा रिज़वी ने 'बंदा हाजिर है तेरे घर मौला', 'देखनी है हश्र में इज्जत रसूलल्लाह की' और 'लमयाती नजिरुका फि नजरिन मिसले तो ना शुद पैदा जाना' जैसे एक से बढ़कर एक नातिया कलाम पेश कर समां बांध दिया।
दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा बेहद जरूरी: अमीनुल कादरी जलसे को बतौर मेहमान-ए-खुसूसी संबोधित करते हुए मालेगाँव से आए सुन्नी दावते इस्लामी के निगरां हजरत अल्लामा सय्यद अमीनुल कादरी साहब किब्ला ने मुस्लिम समाज को दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक और उच्च दुनियावी शिक्षा हासिल करने की सख्त ताकीद की। उन्होंने कहा कि कुरआन हिदायत और रहनुमाई की किताब है, लेकिन इससे वही लोग फायदा उठा सकते हैं जिनके दिलों में 'तकवा' (अल्लाह का डर) हो।
उन्होंने समाज को झूठ, चुगली और गीबत जैसे गुनाहों से बचने, पड़ोसियों के साथ बेहतर सुलूक करने तथा वालिदैन (माता-पिता) व अहल-ओ-अयाज (बीवी-बच्चों) के अधिकारों को पहचानने और उन्हें अदा करने का पैगाम दिया।
दुआ और सलातो-सलाम के साथ समापन कांफ्रेंस में मेहमान-ए-खुसूसी हजरत अल्लामा मौलाना मुहम्मद सादिक रजवी साहब ने खुसूसी दुआ करवाई, जबकि जलसे की निजामत मौलाना मोहम्मद असलम रब्बानी ने अंजाम दी। अंत में सलातो-सलाम और देश व उम्मत की तरक्की, अमन-चैन तथा शिक्षा के क्षेत्र में कामयाबी की सामूहिक दुआओं के साथ जलसे का समापन हुआ।
इस दौरान मौलाना अब्दुल गनी, मौलाना इजराइल बरकाती, मौलाना मुख्तार अहमद कादरी, मौलाना हाजी तकमील अहमद, समीर भाटी, शहादत अली बेहलीम, आबिद हुसैन भाटी, आमिर खान भाटी सहित धर्मगुरु, गणमान्य नागरिक और हजारों की तादाद में आमजन मौजूद रहे।

