धौलपुर में बदहाल सड़क से जनता त्रस्त: गुरुद्वारा से घंटाघर मार्ग पर जलभराव और गहरे गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत, जिम्मेदारों की चुप्पी पर रोष
धौलपुर / राजस्थान
धौलपुर शहर का मुख्य गुरुद्वारा रोड पिछले लगभग दो सालों से अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। गुरुद्वारा से घंटाघर तक जाने वाला यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह सड़क जगह-जगह से टूटकर बड़े-बड़े और खतरनाक गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस जर्जर मार्ग के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों, मरीजों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सालय और क्लीनिक जाने वाले मरीजों की बढ़ी दुश्वारियां
यह मार्ग बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसी रास्ते से कई प्रमुख चिकित्सकों के क्लीनिक और बच्चों का सरकारी अस्पताल जुड़ा हुआ है, जहां इलाज के लिए रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे समय पर इलाज मिलना भी मुश्किल हो जाता है।
बारिश में जानलेवा बन जाते हैं गड्ढे और जलभराव
स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का बिल्कुल अंदाजा नहीं लग पाता है। इसके चलते आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इसके अलावा, बारिश के समय नालियां पूरी तरह जाम हो जाने के कारण गंदा और बदबूदार पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है और पैदल निकलना भी दूभर हो जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए जी का जंजाल
बदहाल सड़क और गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म रोज खराब हो जाती है। आसपास की कॉलोनियों के बच्चे सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों के डर से साइकिल तक नहीं चला पाते। वहीं, यह टूटी हुई सड़क बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर वक्त हादसे का सबब बनी हुई है। कई स्थानों पर तो सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और कुछ हिस्सों में धंस भी गई है।
जिम्मेदारों की अनदेखी और जनता की मांग
स्थानीय निवासियों का मुख्य आरोप यह है कि जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय विधायक और सांसद भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, इसके बावजूद इस सड़क की दशा सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कई बार प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों और राहगीरों ने नगर परिषद तथा जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि गुरुद्वारा रोड का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए और जाम पड़ी नालियों की सफाई करवाकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

