NCERT 8वीं की नई सोशल साइंस किताब जारी, न्यायपालिका चैप्टर में हुए बड़े बदलाव
दिल्ली (कमलेश जैन) एनसींईआरटी ने 8 वीं की सोशल साइंस की नई किताब जारी कर दी है। इस बार न्यायपालिका वाले चैप्टर में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। कुछ पुराने टॉपिक हटा दिए गए हैं ।और उनकी जगह नए विषय जोड़े गए हैं, ताकि छात्र आसान तरीके से न्याय व्यवस्था को समझ सकें।
कुछ महीने पहले जारी हुई सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका से जुड़े कुछ हिस्सों पर विवाद हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की NCERT ने कोर्ट को बताया कि किताब में बदलाव किए जाएंगे। अब कोर्ट के निर्देश के बाद नई किताब जारी कर दी गई है और पुरानी किताब की जगह यही किताब पढ़ाई जाएगी।
न्यायपालिका वाले चैप्टर में क्या नया जोड़ा गया
नई किताब में न्यायपालिका वाला पूरा चैप्टर नए तरीके से लिखा गया है। अब इसमें सुप्रीम कोर्ट की भूमिका, जनहित याचिका (PIL), ट्रिब्यूनल और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) जैसे विषय शामिल किए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि आम लोग जरूरत पड़ने पर अदालत तक कैसे पहुंच सकते हैं।
कई पुराने टॉपिक हटा दिए गए
नई किताब से न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, अदालतों में लंबित मामलों, जजों की कमी और न्याय व्यवस्था की चुनौतियों से जुड़े हिस्से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के कुछ चर्चित फैसलों का जिक्र भी अब किताब में नहीं मिलेगाm चैप्टर की शुरुआत में दिए गए सवाल भी बदल दिए गए हैं।
PIL को आसान भाषा में समझाया गया
इस बार किताब में जनहित याचिका यानी PIL पर खास जोर दिया गया है। छात्रों को बताया गया है कि अगर कोई मामला आम लोगों के हित से जुड़ा हो, तो अदालत में याचिका दायर की जा सकती है। इसे समझाने के लिए कुछ प्रसिद्ध मामलों के उदाहरण भी दिए गए हैं, ताकि छात्रों को विषय आसानी से समझ आए।
एक्सपर्ट कमेटी ने तैयार की नई किताब NCERT ने बताया कि यह बदलाव शिक्षा मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी की सलाह और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किए गए हैं। न्यायपालिका वाले पूरे चैप्टर को दोबारा लिखा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। NCERT लगातार नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार नई किताबें तैयार कर रहा है। कक्षा 1 से 9 तक की कई नई किताबें पहले ही जारी की जा चुकी हैं। कक्षा 8वीं की यह नई सोशल साइंस किताब भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। NCERT का कहना है कि नई किताब आसान भाषा में तैयार की गई है, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ संविधान और न्याय व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से समझ सकें।


