RPSC का नया रोडमैप: सीबीटी क्षमता 5 गुना बढ़ेगी, कॉपियों की जांच में AI का होगा इस्तेमाल और संभाग स्तर पर बनेंगे एग्जाम कॉम्प्लेक्स
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने अपनी कार्यप्रणाली में गोपनीयता, पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती लाने के लिए एक व्यापक और आधुनिक रोडमैप तैयार किया है। आयोग के नए अध्यक्ष ले.कर्नल केसरी सिंह ने पदभार संभालने के तुरंत बाद आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) कराकर कमियों को चिह्नित किया और भविष्य की कार्ययोजना को अमليजामा पहनाना शुरू कर दिया है।
1. सीबीटी (CBT) क्षमता में पांच गुना विस्तार
फिलहाल RPSC में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट की क्षमता केवल 5,000 अभ्यर्थियों की है, जिस कारण आरएएस (RAS) और स्कूल लेक्चरर जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए पेन-पेपर मोड पर निर्भर रहना पड़ता था।
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नया लक्ष्य: आयोग ने इसे बढ़ाकर एक साथ 25,000 अभ्यर्थियों की क्षमता करने का टारगेट सेट किया है।
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सुरक्षा और तकनीक: प्रदेश के बड़े शहरों में डेडिकेटेड सर्वर्स, बैकअप सिस्टम, 360-डिग्री कैमरे और फेस रिकग्निशन तकनीक से लैस सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे पेपर लीक जैसी संभावनाओं को नगण्य किया जा सके।
2. कॉपियों की जांच में एआई (AI) का प्रयोग
लिखित परीक्षाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए आयोग यूपीएससी की तर्ज पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है। यदि दो से अधिक एग्जामिनर के नंबरों में 20 प्रतिशत से अधिक का अंतर आता है, तो AI उसकी पहचान करेगा और संशय की स्थिति में कॉपी की दोबारा जांच कराई जाएगी ताकि अभ्यर्थियों को पूरा न्याय मिल सके।
3. संभाग स्तर पर स्थायी एग्जाम कॉम्प्लेक्स
दस्तावेज़ सत्यापन, कुछ विशेष परीक्षाएं और इंटरव्यू के लिए अब तक उम्मीदवारों को केवल अजमेर मुख्यालय आना पड़ता था। इसे आसान बनाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है कि राज्य के 6 संभागों में 5,000 क्षमता वाले स्थायी एग्जाम कॉम्प्लेक्स बनाए जाएं। इनमें कंप्यूटर लैब, इंटरव्यू बोर्ड रूम, स्ट्रॉन्ग रूम और वेटिंग एरिया जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
4. समयबद्ध परीक्षाएं और सख्त कैलेंडर सिस्टम
अभ्यर्थियों की दुविधा को खत्म करने के लिए 'कैलेंडर सिस्टम' को सख्ती से लागू किया जा रहा है, ताकि परीक्षाएं तय तारीखों पर ही आयोजित हों। इसके साथ ही डीपीसी (विभागीयोन्नति समिति) की बैठकों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में आपसी समन्वय बेहतर करने के लिए सदस्यों के बीच विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। सेना की पृष्ठभूमि और आईटी एक्सपर्ट होने के नाते अध्यक्ष ले.कर्नल केसरी सिंह के इस नए दृष्टिकोण से आयोग की कार्यप्रणाली में तेज और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

