वार्षिक आचार्य अभ्यास वर्ग का समापन, पर्यावरण संरक्षण एवं पोषण युक्त भोजन के लिए किया प्रेरित
नारायणपुर (भारत कुमार शर्मा) कस्बा के प्राचीन पीर संज्यानाथजी महाराज मंदिर में पांच दिन से चल रहे एकल अभियान भाग जयपुर के अंचल अलवर के आचार्य अभ्यास वर्ग का शनिवार को समापन समारोह उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस पांच दिवसीय वर्ग में कुल 50 सत्र आयोजित किए गए। सत्र में अनुभवी शिक्षकों द्वारा शिक्षण कौशल, संस्कार, शिक्षा, योग, खेल, गीत, संगठन, व्यक्तित्व विकास एवं एकल अभियान की कार्यपद्धति का व्यापक प्रशिक्षण सम्बंधित विषय प्रतिपादित किए गए। वर्ग के मध्य में संभाग समिति से गिरधारी मिश्रा ने प्रशिक्षण वर्ग की सफलता पर सभी प्रशिक्षणार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि वर्ग में प्राप्त अनुभव और प्रशिक्षण को धरातल पर उतारकर विद्यालयों को आदर्श बनाना ही इस अभ्यास वर्ग की वास्तविक सफलता होगी।
अंचल अध्यक्ष रमाकांत ने सभी को अभिभावक की भूमिका में किसी भी समस्या के त्वरित समाधान से सबको आश्वस्त किया। श्री कृष्णा शिक्षा एवं ग्रामीण विकास समिति सचिव सुनील कुमार शर्मा ने उपस्थित युवा व युवतियों को पर्यावरण महायज्ञ प्रकृति के पांच महाभूतों भगवान अर्थात भूमी, गगन, वायु, अग्नि, नीर या जल तथा महिलाओं में होने वाली खून की कमी के लिए शुद्ध पौष्टिक, अंकूरित दाने, पोषणयुक्त खाना, एवं एक परिवार तीन देववृक्ष बरगद, पीपल, गूलर लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया गया। संच उपाध्यक्ष धर्मपाल ने कहा कि इस प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान, संस्कार एवं शिक्षण पद्धति को प्रत्येक आचार्य अपने विद्यालय में प्रभावी रूप से लागू करें।
उन्होंने कहा कि एकल अभियान का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज में संस्कार, सेवा और राष्ट्रभावना का विकास करना है। इस वर्ग में संच प्रशिक्षक कृष्ण कुमार, आरती शर्मा, ममता सैनी, कानाराम, धनपाल सैनी सहित आचार्य, प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी आचार्यों से पूर्ण समर्पण के साथ अपने-अपने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का आह्वान किया। संच प्रशिक्षक आरती शर्मा ने वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण की उपलब्धियों एवं सभी सत्रों की जानकारी दी तथा सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

