मूसलाधार बारिश से रोहा पाथ बांध का बड़ा हिस्सा धंसा,बांध धंसने से मंडराया बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत की मांग
2017 की भीषण बाढ़ की यादें हुई ताज़ा, जर्जर बांध का आधा हिस्सा धंसने से कई गांवों पर संकट के बादल
गोरखपुर। बरही क्षेत्र की ग्राम सभा खैरखुटा स्थित रोहा पाथ बांध लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से अचानक धंस गया। बांध का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास के गांवों में संभावित बाढ़ को लेकर भारी दहशत का माहौल बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर मरम्मत कराने की गुहार लगाई है।
2017 में भी टूटा था यह बांध
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वर्ष 2017 की भयावह बाढ़ के दौरान भी रोहा पाथ बांध टूट गया था। हालांकि बाद में इसकी मरम्मत तो कराई गई, लेकिन रखरखाव के अभाव में समय के साथ यह कई जगहों से फिर कमजोर हो गया। वर्तमान में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अब बांध का लगभग आधा हिस्सा धंस चुका है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों पर पानी भरने और तबाही का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही पड़ी भारी तो होगा बड़ा नुकसान
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील यादव ने बांध की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते इसे मजबूत नहीं किया गया, तो नदियों का जलस्तर बढ़ते ही विकराल स्थिति पैदा हो जाएगी। उन्होंने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से तुरंत प्रभाव से मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने दोहराई सुरक्षा की मांग
स्थानीय ग्रामीण शिवम यादव, डुबरी निषाद, अनिल पासवान और राजकुमार चौधरी ने कहा कि वर्ष 2017 की तबाही का मंजर आज भी लोगों के जेहन में तरोताजा है। अगर इस बार भी बांध की स्थिति को नजरअंदाज किया गया तो जन-धन का भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने एकसुर में प्रशासन से अपील की है कि मानसून के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं और रोहा पाथ बांध की तुरंत पक्की मरम्मत कराई जाए।

