पंचपर्वा दीपावली के अंतर्गत मंदिरों में विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 13 अक्टूबर। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा दीपावली पर्व के पावन अवसर पर विभागीय एवं प्रन्यास मंदिरों में पंचपर्वा दीपावली के अंतर्गत विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य मंदिरों में स्वच्छता, श्रद्धा और सांस्कृतिक सौंदर्य का समन्वय स्थापित करना है।
सहायक आयुक्त देवस्थान मुकेश कुमार मीना ने बताया कि दीपावली पर्व के अवसर पर मंदिरों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से स्वच्छता एवं सज्जा अभियान, आकर्षक रंगोली निर्माण, दीपोत्सव, महाआरती, भक्ति संध्या तथा महाभोग एवं प्रसाद वितरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली से पूर्व सभी मंदिर परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत मंदिर के आंतरिक व बाह्य प्रांगण की सफाई, दीवारों की धुलाई और पुष्पमालाओं से सजावट की जाएगी। रंगोली निर्माण में स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से पारंपरिक एवं सांस्कृतिक सौंदर्य को दर्शाती रंगोलियां बनाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रकाश एवं लाइटिंग व्यवस्था के तहत मंदिरों को दीपों और विद्युत लाइटिंग से आलोकित किया जाएगा, जिससे सम्पूर्ण वातावरण ज्योतिर्मय बनेगा। दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सहभागिता से सामूहिक दीप प्रज्वलन किया जाएगा, जो ‘एक दीप सबके लिए’ का संदेश देगा। दीपावली की रात्रि को विशेष महाआरती एवं भक्ति संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्ति संगीत, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। देव प्रतिमाओं को विशेष महाभोग अर्पित किया जाएगा, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मिट्टी से निर्मित गणेश-लक्ष्मी प्रतिमाओं के पूजन को प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न व्यंजनों से बना अन्नकूट भोग अर्पित किया जाएगा।
सहायक आयुक्त ने बताया कि देवस्थान विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था रहे। विभागीय अधिकारी तैयारियों की सतत निगरानी कर रहे हैं ताकि दीपावली पर्व श्रद्धा, स्वच्छता और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।