जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने पालना गृहों का किया निरीक्षण
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 13 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर सचिव अनुतोष गुप्ता द्वारा गुरूवार को पालना गृह, राजकीय नारी निकेतन, सेवर-मथुरा बाईपास रोड, भरतपुर तथा सोमवार को पालना गृह, राजकीय जनाना अस्पताल परिसर, मोरी चारबाग, भरतपुर का औचक निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि पालना गृह राज्य द्वारा संचालित वह सुरक्षित स्थान है, जहां कोई भी व्यक्ति अपने नवजात शिशु को गोपनीय रूप से छोड़ सकता है। इन शिशुओं की देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी राज्य द्वारा वहन की जाती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अनचाहे नवजात शिशुओं को असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय, पालना गृह में सुरक्षित रूप से रखें, ताकि उनकी उचित देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित हो सके। कोई भी व्यक्ति बिना किसी झिझक के अपने नवजात को गोपनीय तरीके से पालना गृह में छोड़ सकता है।
निरीक्षण के दौरान पालना गृह, राजकीय नारी निकेतन, सेवर-मथुरा बाईपास रोड, भरतपुर में व्यवस्थाएं असंतोषजनक पाई गईं। वहां बच्चों के पालने टूटे हुए थे, साथ ही घंटी, सफाई और रोशनी की समुचित व्यवस्था का अभाव था। इसी प्रकार, पालना गृह, राजकीय जनाना अस्पताल परिसर, मोरी चारबाग में भी परिसर के अंदर और बाहर साफ-सफाई की कमी पाई गई। दोनों स्थानों पर प्रचार-प्रसार की व्यवस्था भी अपर्याप्त थी। सचिव द्वारा दोनों पालना गृहों के संचालकों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।


