श्मशान घाटों के जीर्णोद्धार के लिए गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिये सुझाव; नगर निगम स्वयंसेवी संस्थाओं का ले सहयोग, पदाधिकारियों के साथ बैठक करे आयोजित
भरतपुर( विष्णु मित्तल) भरतपुर शहर के शमशान घाटों के जीर्णोद्धार एवं नियमित साफ सफाई के लिए समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख सुझाव दिया है कि शमशान घाटों के विकास के लिए स्वयंसेवी, धार्मिक, व्यापारिक संस्थाओं का सहयोग लिया जा सकता है। जिसके लिए निगम आयुक्त इन संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें एक-एक शमशान गोद दे। संस्थाओं द्वारा शमशानों में कराये जाने वाले कार्यों में निगम पूर्व की भांति सहयोग प्रदान करे। शमशानों के विकास एवं समस्याओं के सम्बन्ध में प्रतिमाह बैठक आयोजित हो।
गुप्ता द्वारा लिखे गये पत्र में दुःख व्यक्त किया है कि भरतपुर शहर के प्रमुख शमशान घाट पर कार की हैड लाइट के उजाले में अंतिम संस्कार किया गया। यह स्थिति केवल अव्यवस्था का उदाहरण नहीं है बल्कि मानव गरिमा, मानवीय मूल्यों व प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गहरा आघात है। गुप्ता ने पत्र में सुझाव दिया है कि शमशान घाटों के सम्बन्ध में होने वाली बैठक में विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की जाये। इसके अलावा निगम के अधिकारियों को प्रत्येक शमशान की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंप कर जवाबदेही तय की जाये।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक ने पत्र में कहा है कि शमशान घाटों पर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक स्वायत्तशासी संस्था एवं हम सबकी की जिम्मेदारी है। जब कोई परिवार में अपूरणीय क्षति के दुःख से गुजर रहा होता है उससे यह अपेक्षा करना कि वह मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भी अंतिम संस्कार सही तरीके से सम्पन्न करे, निश्चय ही यह अमानवीय है !