राजस्थान सरकार की बड़ी पहल: जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनते ही जन आधार कार्ड में स्वतः अपडेट होगा डेटा
राजस्थान सरकार ने जन आधार व्यवस्था में बड़ा तकनीकी सुधार करते हुए आमजन को राहत देने वाला महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब नवजात शिशु का नाम जन आधार कार्ड में जुड़वाने और किसी मृत सदस्य का नाम हटवाने के लिए ई-मित्र केंद्रों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते ही यह प्रक्रिया स्वतः पूरी हो जाएगी। राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की ओर से 4 जून 2026 को जारी परिपत्र-11 के अनुसार जन आधार पोर्टल को पहचान पोर्टल से एकीकृत किया गया है। इसके तहत जन्म और मृत्यु का डेटा सीधे जन आधार प्रणाली में अपडेट होगा।
शासन सचिव एवं महानिदेशक डॉ. रवि कुमार सुरपुर द्वारा जारी आदेश में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। डीओआईटी के उप निदेशक पुष्पेंद्र कुंतल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत जैसे ही किसी नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र जारी होगा, उसका नाम स्वतः उसकी माता के जन आधार परिवार में जुड़ जाएगा। यदि जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे का नाम दर्ज नहीं होगा तो उसे प्रारंभिक रूप से "बेबी ऑफ माता का नाम" के रूप में दर्ज किया जाएगा। बाद में नाम अपडेट होने पर जन आधार में भी स्वतः संशोधन हो जाएगा।
इसी प्रकार किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते ही उसका नाम जन आधार परिवार से स्वतः हटा दिया जाएगा। इससे परिवारों के रिकॉर्ड अपडेट रखने में आसानी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से लोगों की दौड़-भाग कम होगी, समय और धन की बचत होगी तथा जन आधार डेटाबेस अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगा।
अब नवजात का नाम जोड़ने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर अब जन्म प्रमाण पत्र जारी होते ही बच्चे का नाम स्वतः जन आधार में जुड़ जाएगा। इसके लिए जन्म पंजीकरण के समय माता की आधार संख्या, जन आधार परिवार आईडी और सदस्य आईडी दर्ज करना जरूरी होगा। यदि बच्चे का नाम तय नहीं है तो उसे "बेबी ऑफ माता का नाम" के रूप में दर्ज किया जाएगा। बाद में नाम अपडेट होने पर जन आधार में भी बदलाव अपने आप हो जाएगा।


