मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सिंधी समाज ने दी बधाई; राष्ट्र निर्माण में भागीदारी को रेखांकित कर भाषाई व सांस्कृतिक संरक्षण का किया विनम्र आग्रह
खैरथल (हीरालाल भूरानी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के गौरवशाली और सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर खैरथल के वरिष्ठ प्रबुद्ध प्रतिनिधि और हीरालाल भूरानी ने सिंधी समाज की ओर से प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। भूरानी ने कहा कि इन 12 वर्षों में भारत ने आधारभूत संरचना (Infrastructure), डिजिटल परिवर्तन, सुदृढ़ राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक प्रतिष्ठा, जनकल्याण और देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता मान-सम्मान प्रत्येक देशवासी के लिए परम गौरव का विषय है।
भूरानी ने राष्ट्र निर्माण में सिंधी समाज के अद्वितीय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि देश विभाजन की भयंकर विभीषिका के समय अपनी पवित्र मातृभूमि सिंध को छोड़ने पर मजबूर हुए लाखों सिंधियों ने बिना किसी राज्य, भाषा-आधारित प्रांत अथवा विशेष राजनीतिक संरक्षण के शून्य से शुरुआत की थी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने पुरुषार्थ और उद्यमशीलता के बल पर समाज ने व्यापार, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा और भारतीय संस्कृति के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सांस्कृतिक व शैक्षणिक अपेक्षाओं का विनम्र स्मरण: सरकार के 12 सफल वर्षों के इस पावन अवसर पर, हीरालाल भूरानी ने सिंधी समाज की दीर्घकालिक सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं संस्थागत अपेक्षाओं के संबंध में पूर्व में मिले सकारात्मक आश्वासनों की ओर सरकार का ध्यान आदरपूर्वक आकर्षित किया। उन्होंने समाज की ओर से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
- सिंधी भाषा व शिक्षा का सुदृढ़ीकरण: सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित किए जाने के बावजूद, विद्यालयों में इसकी समुचित शिक्षण व्यवस्था, पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता और शिक्षक-प्रशिक्षण (Teacher Training) के क्षेत्र में अभी भी ठोस कदमों की प्रतीक्षा है।
- सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: सिंधी भाषा, साहित्य और समृद्ध संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन हेतु देश के प्रमुख नगरों में अत्याधुनिक 'सिंधी सांस्कृतिक केंद्र', 'संग्रहालय (Museum)' तथा विश्वविद्यालयों में 'शोध-पीठ (Research Chairs)' की स्थापना की जाए।
- युवा व व्यापारी वर्ग को प्रोत्साहन: राष्ट्रीय स्तर पर सिंधी युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए उचित मंच प्रदान किया जाए तथा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले सिंधी व्यापारी व उद्यमी वर्ग को नीतिगत प्रोत्साहन (Policy Incentives) देकर संबल प्रदान किया जाए।
"सबका साथ, सबका विकास" पर अटूट विश्वास: प्रेस नोट के माध्यम से विश्वास व्यक्त करते हुए कहा गया कि, "हमें पूर्ण विश्वास है कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में सिंधी समाज की दशकों पुरानी सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अपेक्षाएँ अवश्य पूर्णता को प्राप्त करेंगी।"
उन्होंने अंत में संकल्प दोहराया कि 'राष्ट्र सर्वोपरि' के अटूट भाव के साथ सिंधी समाज सदैव माँ भारती की सेवा में समर्पित रहा है और भविष्य में भी देश के विकास और अखंडता को सुदृढ़ करने में अपनी निरंतर भूमिका निभाता रहेगा।


