फार्महाउस में घुसा 10 फीट का विशालकाय अजगर, बतख निगलने पर मचा हड़कंप; सर्पमित्र ने बचाई जान
पुर (गुरला/भीलवाड़ा) बद्री लाल माली
पुर में दिखा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का अनूठा उदाहरण, 10 फीट लंबे अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू
पुर गांव के रामदेव मंदिर डूंगरी के पास स्थित प्रकाश कोठारी के पीकॉक फार्म हाउस में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशालकाय अजगर ने फार्म हाउस में घुसकर एक बतख को अपना शिकार बना लिया। करीब 10 फीट लंबे इस अजगर को बतख को निगलते देख वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए और दहशत फैल गई।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने गजब की समझदारी का परिचय देते हुए खुद अजगर को पकड़ने का जोखिम नहीं उठाया और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग एवं स्थानीय सर्पमित्र को दी।
सर्पमित्र और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई:
सूचना मिलते ही नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक और प्रसिद्ध सर्पमित्र श्री नारायण लाल बैरवा तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ वन विभाग की टीम से वनरक्षक रूपेंद्र सिंह पुरावत और दिनेश कुमार रेगर भी मुस्तैद नजर आए।
सर्पमित्र नारायण लाल बैरवा ने अपने लंबे अनुभव और प्रशिक्षण का इस्तेमाल करते हुए भारी सावधानी और सूझबूझ के साथ अजगर का सफल रेस्क्यू किया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया में अजगर को खरोंच तक नहीं आई। बाद में वन विभाग की टीम के सहयोग से इस विशालकाय अजगर को इसके प्राकृतिक और सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
किसानों का मित्र है अजगर, न करें नुकसान:
इस सफल रेस्क्यू के बाद सर्पमित्र नारायण लाल बैरवा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि अजगर एक संरक्षित वन्यजीव है जो पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। खेतों में चूहे और खरगोश जैसे जीवों को अपना आहार बनाकर यह अप्रत्यक्ष रूप से किसानों की फसल की रक्षा करता है और किसानों का सच्चा मित्र है।
प्रशासन और सर्पमित्र की ओर से आमजन से अपील की गई है कि यदि कभी रिहायशी इलाके, खेत या फार्म हाउस में कोई सांप या अजगर दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने की कोशिश करें। तुरंत सुरक्षित दूरी बनाकर वन विभाग या किसी प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

