अजमेर में गरजे गोविंद सिंह डोटासरा: बेटे-बहू के चयन पर आरोपों का दिया मुंहतोड़ जवाब, चुनाव से पहले ED दोबारा आएगी
अजमेर (राजस्थान): राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को अजमेर के जवाहर रंगमंच में आयोजित 'अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा समिति' के प्रतिभा सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे और पुत्रवधू के आरएएस (RAS) व प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन को लेकर लग रहे 'सेटिंग' के आरोपों पर पहली बार खुलकर और तीखे अंदाज में अपनी बात रखी।
'मरोड़ मिटाने के लिए कब तक चूर्ण दें?'
कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने पहली बार अपने बेटे और बहू के चयन को लेकर लगने वाले ‘सेटिंग’ के आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोग आज भी कहते हैं कि दोनों का चयन सेटिंग से हुआ, लेकिन “किसी के पेट में मरोड़ मिटाने के लिए कब तक चूर्ण खरीदकर देते रहेंगे।” डोटासरा ने दावा किया है कि चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई एक बार फिर हो सकती है। उन्होंने कहा- लिखकर दे रहा हूं, चुनाव से पहले ED दोबारा आएगी। अगर बेईमानी की है तो जेल भेज दो।
डोटासरा ने कहा कि वह समाज की प्रतिष्ठा पर कोई दाग नहीं लगने देंगे और समाज की नाक पर मक्खी नहीं बैठने दूंगा, काला धब्बा नहीं लगने दूंगा। डोटासरा रविवार को अजमेर के जवाहर रंगमंच में अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा समिति की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में बोल रहे थे। प्रतिभा सम्मान समारोह में राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने युवाओं को मेहनत, ईमानदारी और आत्मसम्मान का संदेश दिया। मंच पर केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, प्रमुख शासन सचिव आरूषी मलिक सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
डोटासरा ने शुरुआत में साफ किया कि यह राजनीतिक मंच नहीं है, लेकिन अपने संबोधन में उन्होंने RPSC भर्ती से लेकर अपने बेटे-पुत्रवधू के चयन, प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्व अदालतों, शिक्षा विभाग के आदेश और नेताओं की राजनीति तक पर खुलकर बात की। डोटासरा ने कहा कि मेहनत और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है। युवाओं से बोले- रीढ़ की हड्डी को सीधा रखिए, झुकने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने कहा कि मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने वाले व्यक्ति को किसी के सामने झुकने की जरूरत नहीं है। पैर छूने की परंपरा पर भी उन्होंने अपने अंदाज में कहा- ब्लूटूथ का जमाना आ गया है, किसी को फेंकना हो तो फेंक दो कि प्रणाम फेंकता हूं, धोक फेंकता हूं, लेकिन नीचे मत झुको। जो मेहनत करता है, वही बड़ा डोटासरा ने कहा- बड़ा-वड़ा कोई नहीं है, जो मेहनत करता है ना, वही बड़ा है। जो चरित्रवान है, वही बड़ा है। जो ईमानदार है, वही बड़ा है। उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और समाज की आने वाली पीढ़ी को भी पढ़ाई, कोचिंग और सही दिशा देने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। कांग्रेस का राज होता तो हर चयन पर लगता डोटासरा का ठप्पा।
RPSC और चयन प्रक्रिया को लेकर लगते रहे आरोपों पर डोटासरा ने कहा कि कार्यक्रम में अलग-अलग विचारधारा और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग मौजूद हैं। इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा- "मैं लिख के दे रहा हूं, यही प्रोग्राम होता और कांग्रेस का राज होता, तो सब पे ठप्पा लग जाता डोटासरा ने सेटिंग करके कराया है।" उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से उन्हें इसी तरह के आरोपों का जवाब देते-देते थक गए हैं। बोले- "जो मेहनत करेगा वो सक्सेस होगा, आगे बढ़ेगा और जो मेहनत नहीं करेगा, तेरी-मेरी करेगा, दलाली करेगा, किसी की चापलूसी करेगा, तो वो नहीं बढ़ेगा। उसका क्या इलाज है? मेरे पास क्या इलाज है?"
बेटे के चयन पर बोले- 'आज भी कहते हैं सेटिंग से हुआ' अपने बेटे के 2016 में अकाउंट्स में चयन का जिक्र करते हुए डोटासरा ने इंटरव्यू में मिले अंकों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मन में आत्मविश्वास होना चाहिए कि मैं जो काम कर रहा हूं, उसमें मैं 100% सक्सेस होऊंगा। इसीलिए मैं यह कहना चाहता हूं कि 2016 में मेरे बेटे का भी अकाउंट्स में सिलेक्शन हुआ था। आप सब सुनते होंगे इंटरव्यू में 80 नंबर कैसे आ गए ? आज बता रहा हूं, किसी को पता नहीं होगा। उस बैच में 144 अभ्यर्थियों के 80 या उससे ज्यादा अंक आए थे और इनमें से 26 ऐसे अभ्यर्थी भी थे, जो 80 या उससे ज्यादा अंक होने के बावजूद चयनित नहीं हुए। उन्होंने अपनी पुत्रवधू के RAS चयन का भी जिक्र किया। कहा कि उनकी पुत्रवधू की ऑल राजस्थान में 9वीं रैंक आई थी। डोटासरा ने कहा- जो पढ़ता है, पढ़ेंगे तो आएंगे, मेहनत करेंगे तो आएंगे। उन्होंने आलोचकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसी के पेट में मरोड़ हो तो वे उनके मरोड़े मिटाने के लिए कब तक चूर्ण खरीदकर देते रहेंगे। 2021 SI भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी ने RAS में टॉप किया डोटासरा ने 2021 की SI भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस भर्ती को लेकर सवाल उठे और जिसे निरस्त किया गया, उसी प्रक्रिया से जुड़े एक अभ्यर्थी ने बाद में RAS में शीर्ष स्थान हासिल किया।
उन्होंने कहा कि उनकी मांग थी कि सरकार के पास संसाधन हैं तो बेईमानों को बाहर निकाला जाए और सही लोगों को न्याय दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए और जिन्होंने मेहनत की, उनके आगे बढ़ने को भी स्वीकार किया जाना चाहिए। अधिकारियों को नसीहत- न्याय की कुर्सी पर जाति नहीं, सही-गलत देखिए डोटासरा ने प्रशासनिक अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि न्याय के लिए सामने आए व्यक्ति की जाति नहीं देखनी चाहिए, बल्कि उसका काम सही है या गलत, यह देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सही है और हमारी जाति का गलत है, तो सही के पक्ष में खड़े रहना। उन्होंने कहा कि अधिकारी को न्याय की कुर्सी पर बैठाया गया है, इसलिए उसे निष्पक्ष होकर फैसला करना चाहिए। सामाजिक संगठनों की भूमिका पर भी उन्होंने कहा कि संगठन समाज की बुराइयां दूर करने और अच्छाइयां बढ़ाने के लिए होने चाहिए, न्यायिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए नहीं। अधिकारियों से डोटासरा ने कहा कि ईमानदारी से काम करने पर अच्छी पोस्टिंग नहीं मिले, तब भी ईमानदारी नहीं छोड़नी चाहिए। जो ईमानदारी में ताकत है, वो मलाईदार पोस्टिंग में कभी नहीं हो सकती है। चुनाव से पहले फिर ED की कार्रवाई की जताई आशंका अपने ऊपर हुई ED कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले फिर कार्रवाई होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं। समाज के लोगों की नाक पर मक्खी नहीं बैठने दूंगा, इस कुर्ते पर काला धब्बा नहीं लगने दूंगा। रेवेन्यू कोर्ट पर हमला- केवल और केवल दलाली हो गई डोटासरा ने राजस्व अदालतों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- रेवेन्यू कोर्टों में तो ईमानदारी से पैरवी की जरूरत ही नहीं है। केवल और केवल दलाली हो गई, इसके अलावा कुछ नहीं बचा। अपने वकालत के अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने SDO, ADM और कलेक्टर कोर्ट में काम करने के दौरान के अनुभव साझा किए। कहा कि ईमानदार अधिकारी के सामने वकील भी डरते थे, जबकि बेईमानी से फैसला करने वाले अधिकारी नजर मिलाने से बचते थे। स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश के आदेश पर बोले- बेईमानी का फरमान शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश को लेकर जारी आदेश पर भी डोटासरा ने सवाल उठाए। उन्होंने इसे "दोगलों की भरमार और बेईमानी का फरमान" बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंध समिति और विद्यालय विकास समिति में भामाशाहों, गांव के लोगों और विधायक की अनुशंसा (सिफारिश) पर लोगों को जोड़ने का प्रावधान है। शिक्षा जैसी सार्वजनिक संस्था में अच्छे कार्य के लिए लोगों की भागीदारी पर रोक नहीं लगनी चाहिए। निकाय चुनाव में टिकट पर बोले- मांगना सबका अधिकार आगामी निकाय चुनावों में टिकट वितरण को लेकर डोटासरा ने कहा कि टिकट मांगना हर कार्यकर्ता का अधिकार है। जिला, ब्लॉक और निकाय स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं, जो चर्चा के बाद ऐसे उम्मीदवारों का चयन करेंगी, जो जनता के बीच रहते हैं और बेहतर उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। जनता के चहेते को अगर टिकट दी जाएगी, तो मैं समझता हूं कि जनता उसको जिताएगी।
अजमेर कांग्रेस की गुटबाजी पर कहा- सब एक करेंगे अजमेर कांग्रेस में दो धड़ों को लेकर पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने संक्षिप्त जवाब दिया- "वो सब एक करेंगे…एक कर देंगे।" अजमेर में लंबे समय से कांग्रेस का बोर्ड नहीं बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पूरा प्रयास रहेगा कि इस बार अजमेर में कांग्रेस का बोर्ड बने। उन्होंने कहा कि उन्हें अजमेर सहित कई जगह कांग्रेस बोर्ड बनने की पूरी उम्मीद है। महंगाई पर बोले- लोग टूट रहे हैं।
महंगाई के सवाल पर डोटासरा ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- लोग महंगाई से तो मर रहे हैं, टूट रहे हैं। उन्होंने किसान, नौजवान और गृहिणियों की परेशानी का जिक्र करते हुए चीनी, तेल और दाल सहित रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई पर चर्चा नहीं हो रही और सवाल उठाते हुए कहा कि यूसीसी पर चर्चा जरूरी है या महंगाई पर चर्चा जरूरी है? पर्चियों से मुख्यमंत्री, पर्चियों से काम प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा कि लोगों ने उम्मीद के साथ भाजपा को चुना था, लेकिन अब लोग निराश हैं। उन्होंने कहा- पर्चियों से मुख्यमंत्री बने और पर्चियों से ही काम हो रहे हैं। यहां का विजन कोई नहीं है। उन्होंने चुनौती दी कि ढाई साल में भाजपा सरकार की ऐसी एक जनहित योजना बताई जाए, जैसी योजनाएं कांग्रेस सरकार के समय आई थी। उन्होंने सरकार पर आपसी खींचतान में उलझे रहने और दिल्ली के दरबार में "धोक देने" में व्यस्त रहने का आरोप भी लगाया। स्थानीय भाजपा नेताओं पर तंज- पाप का घड़ा भर चुका अजमेर के स्थानीय भाजपा नेताओं और दो बार मेयर रह चुके नेताओं के बीजेपी छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने तंज कसा है, उन्होंने कहा कि वो तो सभी जाएंगे, अब तो पाप का घड़ा भर चुका है। दिल्ली में भी जाएंगे, यहां भी जाएंगे। अब देखना है क्या बचता है, क्या नहीं बचता। समाज को वापस देने की जिम्मेदारी कार्यक्रम के अंत में डोटासरा ने सम्मानित प्रतिभाओं से कहा कि समाज ने उन्हें आगे बढ़ाया है, इसलिए अब समाज को वापस देने की जिम्मेदारी भी उनकी है। उन्होंने युवाओं से अगली पीढ़ी को पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और कोचिंग के बारे में मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- कोई समाज कभी भी खराब नहीं होता है। इसलिए सबको सैल्यूट करो, आदर करो, आगे बढ़ो, मेहनत करो, अपना नाम रोशन करो। साथ ही कहा कि किसी को सच्चे काम के लिए परेशानी आएगी तो वे उसके साथ खड़े रहेंगे।

