डिप्टी सीएम के नाम से फर्जी कॉल करने वाला सस्पेंड:डिप्टी सीएम बनकर अधिकारियों पर बनाया दबाव
अजमेर (राजस्थान)
राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) प्रेमचंद बैरवा के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर अधिकारियों को धमकाने और मनचाहा ट्रांसफर कराने के आरोपी नर्सिंग ऑफिसर पर गाज गिरी है। स्वास्थ्य विभाग ने अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में तैनात नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान आरोपी का मुख्यालय जैसलमेर रहेगा।
ट्रूकॉलर पर सेट किया 'डिप्टी सीएम' का नाम, ऐसे रचा खेल
मामले का खुलासा उप-मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) भगवत सिंह राठौड़ की शिकायत से हुआ। शिकायत के अनुसार, आरोपी पुष्पेंद्र पारीक ने अपने मोबाइल नंबर की कॉलर आईडी (Truecaller) पर अपना नाम इस तरह सेट कर रखा था कि कॉल करने पर सामने वाले के फोन में 'डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा' दिखाई दे।
इस फर्जी पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के विशिष्ट सहायक बलवंत लिगरी को फोन किया और खुद को उप-मुख्यमंत्री बताकर अपना ट्रांसफर तुरंत JLN अस्पताल अजमेर करने का निर्देश दिया। इसके बाद उसने JLN अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे को भी कॉल कर खुद को डिप्टी सीएम बताते हुए मनचाहा कार्य आवंटित करने के लिए दबाव बनाया।
FIR की बात छिपाई, बिना बताए ड्यूटी से गायब रहा आरोपी
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक राकेश कुमार शर्मा द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, आरोपी ने संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल किया। 20 जून को ट्रांसफर पर JLN अस्पताल अजमेर में कार्यग्रहण करने के बाद, वह 21 जून से बिना किसी पूर्व स्वीकृति के ऑफिस से गायब रहा।
इसी दौरान आरोपी के खिलाफ अजमेर के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की FIR दर्ज की गई। 18 जुलाई को जब उसने दोबारा ड्यूटी ज्वॉइन की, तब भी विभाग से अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई।
विभाग ने की सख्त कार्रवाई
संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने, अनुशासनहीनता दिखाने और आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने के मामले में विभागीय जांच प्रभावित न हो, इसे देखते हुए विभाग ने पुष्पेंद्र पारीक को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि 25 जून को ओएसडी की शिकायत के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क और आरोपी की अन्य गतिविधियों की गहनता से जांच कर रहे हैं।

