‘विवाद रहित ग्रामीण भारत’ अभियान: अर्रुवा में बना सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र, तालुका विधिक सेवा समिति की बैठक में बनी रणनीति
कठूमर (दिनेश लेखी)।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों को विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘सामुदायिक मध्यस्थता: विवाद रहित ग्रामीण भारत की ओर कदम (नारी संवाद सामुदायिक समाधान गांव)’ अभियान के तहत कठूमर तालुका क्षेत्र की ग्राम पंचायत अर्रुवा का चयन किया गया है। यहाँ अटल सेवा केंद्र पर सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र स्थापित कर आपसी समझौते से विवादों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार दोपहर 1:30 बजे तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा समिति के अध्यक्ष उदय सिंह अलोरिया ने अपने अवकाशागार में की। इसमें सिविल न्यायाधीश (खेरलीमंडी) आदित्य शर्मा, अभियोजन अधिकारी आनंद सिंह शेखावत तथा पुलिस प्रतिनिधि एएसआई हरिराम उपस्थित रहे।
15 सदस्यीय पैनल गठित, 3 मध्यस्थ करेंगे मामलों की सुनवाई
बैठक में अध्यक्ष उदय सिंह अलोरिया ने बताया कि अभियान के तहत अर्रुवा ग्राम पंचायत में 15 सदस्यीय मध्यस्थों का पैनल गठित किया गया है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, जब न्यायालय, पुलिस थाने या किसी अन्य मंच से समझौता योग्य मामले समिति को रेफर होंगे, तब तीन मध्यस्थों का पैनल गठित कर अटल सेवा केंद्र अर्रुवा में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करवाई जाएगी।
मुकदमेबाजी कम करने की पहल
बैठक में उपस्थित पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अर्रुवा क्षेत्र के ऐसे प्रकरण जो आपसी सहमति से सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता से तालुका विधिक सेवा समिति को भेजा जाए। इस पहल से ग्रामीणों को अदालती चक्करों और अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिलेगी तथा गाँव में सौहार्दपूर्ण माहौल बनेगा।

