नारनौल खुर्द पंचायत चुनाव: 12 से अधिक दावेदारों ने ठोकी ताल, तिलकपुर के मतदाताओं की भूमिका रहेगी निर्णायक
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
क्षेत्र की नारनौल खुर्द ग्राम पंचायत में आगामी सरपंच चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पंचायत क्षेत्र में 12 से अधिक दिग्गज उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में उतरने की संभावनाओं के चलते मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं। इस चुनाव में स्थानीय विकास के मुद्दे, जातीय समीकरण और मतदाताओं का रुझान अहम भूमिका निभाएंगे।
गांववार दावेदारों की चर्चा और समीकरण
चर्चा के अनुसार, नारनौल खुर्द गांव से 5, तिलकपुर से 4 और बसेड़ी गांव से 4 उम्मीदवारों के सामने आने की संभावना है। सरपंच पद की सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण चुनावी गणित पूरी तरह बदल गया है। तिलकपुर गांव से गुर्जर समाज के तीन और जाट समाज के एक दावेदार की चर्चा है।
तिलकपुर के एससी मतदाताओं पर टिकी निगाहें
ग्राम पंचायत में तिलकपुर गांव के अनुसूचित जाति (एससी) मतदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, तिलकपुर में जाटव समाज के 450 से अधिक और बावरिया समाज के 100 से अधिक यानी कुल 550 से ज्यादा एससी मतदाता हैं। यही कारण है कि सभी प्रमुख दावेदारों की नजरें इसी वोट बैंक पर टिकी हुई हैं। हालांकि, सामाजिक समानता, सम्मान और स्थानीय विकास के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए एससी मतदाता किस करवट बैठते हैं, यह देखने वाली बात होगी।
विकास के बुनियादी मुद्दे बने चुनाव की धुरी
तिलकपुर गांव में श्मशान घाट का अभाव, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और जर्जर सड़कें जैसी मूलभूत समस्याएं स्थानीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशी इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना पेश करें। फिलहाल नारनौल खुर्द, तिलकपुर और बसेड़ी के त्रिकोणीय सियासी समीकरणों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा उम्मीदवार मतदाताओं का भरोसा जीतने में सफल रहता है।

