उदयपुरवाटी में भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई श्रीमद् भागवत कथा: कृष्ण-सुदामा की आत्मीय मिलन लीला देख भावुक हुए श्रोता
उदयपुरवाटी | सुमेर सिंह राव
कस्बे के वार्ड नंबर 27 में पहाड़ की तलहटी में स्थित ऐतिहासिक श्री महाराजाधिराज केशवराय जी के मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन पांडाल में सैकड़ों की तादाद में मातृशक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
कृष्ण-सुदामा की मित्रता और लीलाओं का सजीव वर्णन
कथा व्यास दीपक पाराशर ने कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण और सुदामा के पवित्र व अटूट जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के समापन अवसर पर जब कृष्ण-सुदामा के मिलन की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई, तो पूरा पंडाल भावुक हो गया। झांकी में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अपने सखा सुदामा को गले लगाने और कृष्ण-रुक्मणी द्वारा सुदामा के चरण धोने के दृश्य ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं की आँखें नम कर दीं।
सम्मान समारोह और महाप्रसाद वितरण
कथा के सफल समापन पर महिलाओं ने कथा व्यास दीपक पाराशर का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में अपनी सेवा देने वाले पत्रकारों, क्षेत्र के गणमान्य और बुद्धिजीवी नागरिकों को कथा व्यास महाराज के कर-कमलों से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर के पुजारी राजेंद्र पाराशर और कृष्ण पाराशर ने सभी आगंतुक श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया।

