दौसा में मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जिलास्तरीय बैठक हुई सम्पन्न
रैणी (अलवर) महेश चन्द मीना
दौसा स्थित गिर्राजधरण मंदिर परिसर में मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन राजस्थान की जिला स्तरीय बैठक एक प्रभावशाली और अनुशासित रूप में सम्पन्न हुई, जिसमें दौसा, जयपुर, अलवर और सवाई माधोपुर जिलों से संगठन के तहसील एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह बैठक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश मीना के निर्देश पर तथा राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज खंडेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें संगठन के कार्य विस्तार, सेवा प्रकल्पों और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत विचार विमर्श किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र तथा संगठन का अधिकृत लोगो युक्त वाहन स्टीकर सौंपे गए और साथ ही संगठनात्मक सेवा, संवैधानिक कर्तव्य और भ्रष्टाचार विरोधी निष्ठा की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज खंडेलवाल ने अपने उद्बोधन में संगठन के उद्देश्यों, जनसरोकारों और राष्ट्रीय कार्यालय के मार्गदर्शन को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक का सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब दौसा जिलाध्यक्ष का पद रिक्त होने पर संगठन की दिशा और संरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उपस्थित सभी पदाधिकारियों की सहमति और परामर्श से इस पद के लिए एकमत प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा गया। तत्पश्चात ऑन कॉल स्पीकर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश मीना ने संगठन की संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप अंकित गुप्ता को दौसा जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्त करने की विधिवत घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित सदस्यों में उत्साह और संगठनात्मक ऊर्जा की लहर दौड़ गई।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अंकित गुप्ता का माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर एवं तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अंकित गुप्ता को संगठन के आगामी कार्यों, नियमों और उत्तरदायित्वों से ऑन कॉल ही अवगत कराते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और सेवा-पथ पर अनुशासित रहकर कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन गरिमामय सहभोज के साथ हुआ, जो दौसा के होटल सत्कार में आयोजित किया गया, जहां उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने संगठनात्मक एकजुटता के वातावरण में सामूहिक भोजन कर परस्पर संवाद को और मजबूत किया। यह बैठक न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बनी, बल्कि मानव अधिकारों और भ्रष्टाचार निवारण के क्षेत्र में संगठन की जमीनी पकड़ और संवैधानिक प्रतिबद्धता को भी नया विस्तार देने वाली साबित हुई।

