एडीजीपी (क्राइम) बिपिन कुमार पाण्डेय का भरतपुर दौरा: वार्षिक निरीक्षण कर परखी पुलिस की मुस्तैदी, बोले- क्राइम पर लगाम लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता
भरतपुर। राजस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय द्वारा भरतपुर जिले का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जिला पुलिस की परिचालन क्षमता, कानून व्यवस्था, सुरक्षा तैयारियों तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना था। दौरे के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना के कुशल नेतृत्व में भरतपुर पुलिस द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया।
भव्य सेरेमोनियल परेड एवं जवानों का हौसला अफजाई: निरीक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण में पुलिस परेड ग्राउंड, भरतपुर में एक भव्य सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना के नेतृत्व में पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों ने अनुशासित मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसकी सलामी मुख्य अतिथि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय ने ली। परेड के उपरान्त एडीजीपी महोदय ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों व जवानों के उच्च टर्नआउट, उत्कृष्ट अनुशासन और सुदृढ़ मनोबल की मुक्त कंठ से सराहना की।
आपातकालीन स्थितियों से निपटने हेतु क्राइम सीन सिमुलेशन व लाइव डेमो: विपरीत एवं संवेदनशील परिस्थितियों में जिला पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया (Response Time) और तकनीकी साक्ष्य संकलन क्षमता को परखने हेतु पुलिस परेड ग्राउंड एवं अन्य चिन्हित स्थलों पर व्यावहारिक अभ्यास का प्रदर्शन किया गया। इसके अंतर्गत ताज होटल में फायरिंग तथा बैंक डकैती जैसे गंभीर व संवेद्य अपराधों पर आधारित 'क्राइम सीन सिमुलेशन' और 'मॉक ड्रिल' का शानदार प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त, विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए कुशल स्क्वाड ड्रिल एवं त्वरित नाकाबंदी का प्रभावी जीवंत प्रदर्शन (Live Demo) भी किया गया।
रिजर्व पुलिस लाइन का स्थलीय निरीक्षण एवं 'संपर्क सभा': एडीजीपी पाण्डेय द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन भरतपुर के बुनियादी ढांचे एवं आवश्यक सेवाओं का गहन निरीक्षण किया गया। उन्होंने शस्त्रागार (Armoury), सामान्य स्टोर, पुलिस मैस और जवानों के बैरकों की भौतिक स्थिति, स्वच्छता एवं रख-रखाव का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात आयोजित 'संपर्क सभा' में उन्होंने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों व जवानों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी विभागीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित व नीतिगत निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आश्वस्त व निर्देशित किया।
'अपराध गोष्ठी' में कड़े प्रशासनिक दिशा-निर्देश: दौरे के अंतिम चरण में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में एक उच्च स्तरीय 'अपराध गोष्ठी' (Crime Meeting) का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की समग्र कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए एडीजीपी (अपराध) द्वारा पुलिस अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए गए:
- लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण: विभिन्न थानों में पेंडिंग चल रहे मुकदमों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
- कमजोर वर्गों को संरक्षण: महिला अत्याचार तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम से संबंधित प्रकरणों में अत्यंत संवेदनशीलता के साथ त्वरित जांच और कार्रवाई की जाए।
- साइबर अपराध पर प्रभावी रोक: वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्रॉड और तकनीकी अपराधों पर लगाम लगाने हेतु तकनीकी सेल को और अधिक सुदृढ़ कर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- अवैध व्यापार पर प्रहार: जिले में अवैध हथियारों की तस्करी, अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध विशेष धरपकड़ अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
- अपराधियों की धरपकड़: वांछित अपराधियों, भगोड़ों (POs) तथा हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उनकी त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
इसके पश्चात, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विभिन्न प्रशासनिक शाखाओं का भ्रमण कर रिकॉर्ड प्रबंधन, फाइलों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जांच की तथा प्रशासनिक सुगमता हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


