गोविंदगढ़ में सोनोग्राफी लैब की गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग का कड़ा एक्शन, सेंटर आगामी आदेशों तक सील; बिना अंग के ही उसमें बताई थी 8 MM की पथरी
अलवर जिला स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनियमिता के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। गोविंदगढ़ (अलवर) स्थित 'अग्रवाल सोनोग्राफी एवं लैब' द्वारा एक मरीज की जांच में बेहद गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने उक्त सेंटर को तत्काल प्रभाव से बंद (सील) करने के आदेश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला:
डीग जिले के बावली निवासी विष्णु (25) पुत्र जय सिंह ने गत 13 मई को अग्रवाल सोनोग्राफी सेंटर पर अपनी जांच कराई थी। सेंटर द्वारा जारी रिपोर्ट में मरीज की पित्त की थैली (Gallbladder) में 8 एमएम (mm) की पथरी होना दर्शाया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि पीड़ित युवक का दो वर्ष पूर्व ही ऑपरेशन कर उसकी पित्त की थैली को शरीर से निकाला जा चुका था। बिना अंग के ही पथरी की गलत रिपोर्ट देने के कारण मरीज को भारी मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक कार्रवाई:
मरीज द्वारा गोविंदगढ़ उपखंड अधिकारी (SDM) और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMHO) को दी गई लिखित शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया। आरसीएचओ (RCHO) अलवर डॉ. मंजू शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 'अग्रवाल सोनोग्राफी एवं लैब' को आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं।
उच्चाधिकारियों का वक्तव्य:
डॉ. मंजू शर्मा, आरसीएचओ (अलवर) ने बताया कि -"शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर उक्त सोनोग्राफी सेंटर को अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। मामले की गहनता से जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। चिकित्सा और डायग्नोस्टिक के स्तर पर इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
विभाग ने आमजन को आश्वस्त किया है कि जिले में संचालित सभी निजी लैब्स और डायग्नोस्टिक सेंटर्स के मानकों की समय-समय पर जांच की जाएगी ताकि मरीजों के स्वास्थ्य और भरोसे के साथ खिलवाड़ न हो।


