गोविंदगढ़ में सरकारी स्कूलों का किया निरीक्षण: नसवारी स्कूल के कमरों में मिली दरारें, 10 कमरे खराब हालत में मिले; प्रवेश पर लगाई रोक
गोविंदगढ़ क्षेत्र में सरकारी भवनों के निरीक्षण के दौरान नसवारी स्थिति राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के कमरों में दरारें पाई गईं। इस स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक लगभग 400 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। निरीक्षण में विद्यालय के 10 कमरे और बरामदा जर्जर हालत में मिले। गठित टीम ने सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक भवनों का निरीक्षण किया। झालावाड़, करौली के स्पोटरा, जैसलमेर और उदयपुर के विद्यालयों में हुई घटनाओं के बाद शिक्षक भी भयभीत हैं। गोविंदगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्वजीत सिंह, सहायक विकास अधिकारी महेंद्र मीना, PWD JEN राजेश्वरी वर्मा और भूअ नि. महेश चंद्र शर्मा द्वारा विद्यालयों के भवनों की जांच की गई।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि गोविंदगढ़ के पूरे ब्लॉक के लिए टीमों का गठन किया गया है। इन कमेटियों को पंचायतवार निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है। जिन विद्यालयों में जर्जर भवन पाए गए हैं, उन कमरों को बंद करवा दिया गया है। सभी संस्था प्रधानों को लिखित में आदेशित किया गया है कि उपखंड अधिकारी के आदेशों का पालन सुनिश्चित करें।
तिलवाड़ में 2 कमरे और बरवाड़ा में भी कमरे क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। इन्हें तारबंदी करके बंद करवा दिया गया है। सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर कमरों पर लाल रंग से प्रवेश निषेध के चिह्न बनाकर विद्यार्थियों की आवाजाही रोकें।
उपखंड अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों की प्रति संस्था प्रधानों को देकर रसीद प्राप्त कर ली गई है। जहां भी सरकारी भवन जर्जर अवस्था में मिले हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी जा रही है।
संदीप कुमार जैन प्रधानाचार्य नसवारी ने बताया-इन भवनों में कक्षा 1 से 6 तक क्लास चल रही थी। जिन्हें झालावाड़ की घटना के बाद आदेशों की पालना में यहां से स्थानांतरित कर दिया गया है। यहां के क्षतिग्रस्त कमरों को लेकर पूर्व में भी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचित किया हुआ है।