जैन दर्शन तर्क प्रधान है, हर आचरण के पीछे है गहरा उद्देश्य----आचार्य श्री सुन्दर सागर जी महाराज

Oct 27, 2025 - 12:38
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जैन दर्शन तर्क प्रधान है, हर आचरण के पीछे है गहरा उद्देश्य----आचार्य श्री सुन्दर सागर जी महाराज

 जयपुर (कमलेश जैन) 27अक्टूबर ।
 महावीर दिगम्बर जैन मंदिर चित्रकूट कॉलोनी  जयपुर में  विराजमान  तपस्वी सम्राट आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज  ससंघ के पावन सानिध्य में  जैन पत्रकार महासंघ (रजि ) के संयोजन में कलिकाल में तप की महिमा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विषय पर संगोष्ठी व सम्म्मेलन का आयोजन जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर  को प्रातः 8 बजे से तीन सत्रों में धर्म प्रभावना के साथ  सम्पन्न हुआ।  
  जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अवगत कराया कि संगोष्ठी का शुभारंभ परम पूज्य आर्यिका श्री सुकम्यामती माताजी के मंगलाचरण, चित्र अनावरण व दीप प्रज्ज्वलन अतिथियों द्वारा, आचार्य श्री का पाद् प्रक्षालन परवेश जैन सांगानेर परिवार, शास्त्र भेंट रमेश जैन तिजारिया परिवार द्वारा किया गया। परम्परा के आचार्यों को अर्घ्य विभिन्न संस्थाओं से आये पदाधिकारियों, मन्दिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों व महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा, आचार्य श्री सुन्दर सागर जी महाराज का अर्घ्य उपस्थित समस्त पत्रकारों द्वारा  समर्पित किया । 
   इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने स्वागत उद्बोधन व महासंघ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
     परम पूज्य आचार्य  श्री सुन्दर सागर जी महाराज ने जैन पत्रकारों को मंगलमय आशीर्वाद देते हुए  कहा कि जैन धर्म में केवल तप की बात नहीं कही गई है बल्कि उसे "उत्तम तप" कहा    गया है भौतिकवादी युग में तप का महत्व और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है ।आचार्य श्री ने कहा कि हमें युवा पीढ़ी के तर्कों को स्वीकार करना चाहिए और उनके प्रश्नों का समाधान देना चाहिए परंतु यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि उनके तर्क कुतर्क में न परिवर्तित हों। आज की आवश्यकता है कि हम युवाओं को धर्म से जोड़ने के लिए गंभीर, संवेदनशील और सकारात्मक प्रयास करें । उन्होंने आगे कहा कि धर्म श्रद्धा का विषय तो है  ही किंतु इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि धर्म में तर्क का अभाव है। जैन दर्शन तर्क प्रधान है जहां प्रत्येक क्रिया के पीछे समुचित कारण और उद्देश्य निहित हैं। 
  संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ रोहित कुमार जैन राजस्थान विश्वविद्यालय ने बताया कि जैन जीवन पद्धति का मूल आधार "तप" है , परंतु आज हमने अपनी परंपराओं और धार्मिक आचरण के पीछे छिपे कार्य - कारण  संबंधों को खोजनि और समझना छोड़ दिया है।  इसी कारण आज युवा पीढ़ी धर्म से विमुख होती जा रही है उन्होंने कहा कि हम सभी धर्म को जानते तो हैं , पर मानते नहीं है।  इसलिए आवश्यक है कि हम जानने और मानने के बीच के अंतर को कम करें । आज हम धर्म के पीछे चलते हैं , साथ नहीं चलते यही कारण है कि हम धर्म की वैज्ञानिकता और उसकी तर्क संगतता को समाज के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं।

कार्यक्रम के अतिथि एवं  समाज सेवी कमल बाबू जैन ने समाज में हो रही गतिविधियों पर प्रकाश डाला और महासंघ के कार्यों की सराहना की। राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया ने अध्यक्षीय उद्बोधन रखते हुए जैन पत्रकार महासंघ की कार्यशैली विचारधारा व विभिन्न उद्देश्यों पर व्यापक प्रकाश डाला। 
     इस अवसर पर आर्यिका सुकाम्य मति माताजी ने कहा कि प्रोडक्ट अच्छा है या नही लेकिन पेकिंग और विज्ञापन आकर्षक हो तो हम भ्रमित हो जाते हैं। किंतु दिगम्बर सन्तों का तप कोई बाहरी पैकिंग व विज्ञापन नही अपितु अंतरंग में धारण कर समझने व समझाने का प्रोडक्ट है। कलिकाल में इसकी महत्वत्ता और अधिक बढ़ जाती है।
    कार्यक्रम के मुख्य संयोजक दीपक गोधा ने बताया कि द्वितीय सत्र  ' पत्रकार संवाद कार्यक्रम'  में कार्यक्रम संयोजक  राजाबाबू गोधा ,चक्रेश जैन समाचार जगत, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र बैराठी,  महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री राकेश चपलमन कोटा,  महासंघ के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री संजय बडजात्या कांमा, महासंघ के संरक्षक व पूर्व विधायक सुनील जैन सागर, दैनिक आचरण  की  प्रबन्ध सम्पादक श्रीमती निधि जैन सागर,   सी एस जैन, दीपक गोधा,  विमल बज,बलवंत राय मेहता,वी बी जैन,महावीर सरावगी नैनवा,महेंद्र जैन  लावा मालपुरा, मनीष जैन उदयपुर , अभिषेक जैन अनौरा ललितपुर, डा कल्पना जैन नोएडा, अमित जैन विजयनगर,सुरेन्द्र कुमार जैन,उदयभान जैन बडजात्या, जितेन्द्र जैन आदि वक्ताओं ने तप की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि दिगम्बर सन्तों की प्रत्येक क्रिया में विज्ञान झलकता है आहार, विहार,ध्यान,योग व मौन साधना को विज्ञान ने तर्क सहित स्वीकार किया है ।
कार्यक्रम में मंच का कुशल संचालन जितेन्द्र जैन प्रताप नगर, जीतू जैन व उदयभान जैन जयपुर ने किया । कार्यक्रम में मन्दिर समिति के अध्यक्ष अनिल जैन काशीपुरा, मूलचंद पाटनी, परवेश जैन, राजेश चौधरी, सत्य प्रकाश जैन,ओम प्रकाश जैन कटारिया, राजीव जैन गाजियाबाद सहित अन्य पदाधिकारीयों ने उपस्थित जैन पत्रकारों का अभिनंदन व स्वागत किया।  दीक्षा कमेटी के गौरव अध्यक्ष राजीव जैन गाजियाबाद ने बताया कि आचार्य श्री के सानिध्य में 2 नवम्बर को भव्य जैनेश्वरी दिक्षायें होंगी।

उक्त कार्यक्रम में महासंघ के संरक्षक सदस्य पदम बिलाला, कार्यक्रम संयोजक चक्रेश जैन,शाबाश इन्डिया  राकेश गोदिका, सुरेन्द्र प्रकाश जैन, महासंघ के नवीन आजीवन सदस्य राजीव जैन जनसत्ता, ज्ञानचंद पाटनी राजस्थान पत्रिका, विनोद जैन कोटखावदा, सतीश अकेला, मनोज जैन आदिनाथ मीडिया,मुकेश जैन राजस्थान पत्रिका ,आशीष जैन ललितपुर ,मुकेश जैन समाचार जगत, सनी जैन अग्रवाल ,रवि कुमार जैन नैनवा, हीरा चंद वैद ,राजेंद्र वैद  ,सुनील कुमार जैन दैनिक भास्कर, प्रकाश पाटनी भीलवाड़ा,   , रविंद्र काला बूंदी, शेखर पाटनी मदनगंज किशनगढ़, संजय जैन मदनगंज किशनगढ़ ,  जयपुर शहर महानगर संवाददाता  मनोज कासलीवाल फागी,  लेशिष जैन महानगर टाइम्स ,युवा पत्रकार अमन जैन कोटखावदा राजेंद्र जैन कोटा पुष्पेन्द्र जैन सीकरी, आलोक जैन समाचार जगत, पीयूष लुहाड़िया आदर्श चिराग, मनोज सोगानी,युवा स्वतंत्र पत्रकार सुश्री रीमा गोधा, प्रदीप जैन लाला सहित सभी पदाधिकारियों ने सहभागिता निभाते हुए कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम बाद आचार्य श्री सुन्दर सागर जी महाराज ने सभी आगंतुक जनों को मंगलमय आशीर्वाद प्रदान किया।

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