लटुरिया हनुमान जी मन्दिर पर 7 मार्च को संत दर्शन व भण्डारा; सन्त मनीराम महाराज को प्रदान होगी महन्त की उपाधि
भरतपुर (विष्णु मित्तल)श्री लटुरिया हनुमान मन्दिर मण्डल एवं तपस्वी बाबा रामशरण दास जी महाराज के शिष्यों की ओर से तिरंगे, पीले रुपिया हनुमान आश्रम पर महन्त भानुदास महाराज एवं सन्त मनीराम दास महाराज के सानिध्य में आश्रम के रहे महात्यागी सन्त रामशरण दास महाराज की 29वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 26 फरवरी से चल रही श्रीराम कथा, सन्त समागम एवं श्रीराम मन्दिर निर्माण के उपलक्ष्य में अन्तिम दिन रासलीला व रामलीला के आचार्य कथा वाचक तुलसीदास महाराज नागला ने कहा कि अंहकार एवं घमण्ड ही इंसान के जीवन का बाधक होता है। ईश्वर ने हमेशा घमण्डी, अंहकारी को कष्ट में डाल देता है। न्याय ही ईश्वर का चरित्र होता है। धर्म एवं सच्चे मार्ग पर चलने के लिए कठिनाई जरूर आती है, जो घबराता नहीं वह भगवान को पा ही लेता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम ने शिव भक्त रावण की दुष्ट प्रवृति का त्याग एवं अपमान किया था, लेकिन रावण को बल, धन, शक्ति आदि का अंहकार व घमण्ड था। अन्त में भगवान श्री राम ने अंहकारी रावण का अन्त कर विभीषण का राज्याभिषेक कर प्राणियों सहित सन्त व इंसान को कष्टों से मुक्ति दिलाई। रावण के अन्त एवं लंका पर विजय हासिल करने के बाद अयोध्या आगमन पर जहाँ अयोध्या वासियों ने भगवान श्री राम का राज्याभिषेक किया होगा।
आश्रम के तपस्वी बाबा मोहनदास महाराज एवं सन्त मनीराम दास महाराज ने बताया कि लटुरिया हनुमान आश्रम पर 113 कुण्डीय तपस्वी बाबा रामशरण दास महाराज की 29वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 26 फरवरी से राम कथा एवं सन्त समागम जारी है, जिसका 7 मार्च को श्री राम यज्ञ, सन्त दर्शन एवं भण्डारे के साथ समापन होगा। इसी दिन सन्त मनीराम दास महाराज को महन्त की उपाधि प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि 6 मार्च को हिमालयी योगी महामण्डलेश्वर अमृतानन्द महाराज का आगमन हुआ, जिन्होंने श्री लटुरिया हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और सन्त रामशरण दास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर महन्त भानुदास महाराज, अयोध्या के सन्त रामदास महाराज, सन्त मनीराम दास महाराज, समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता, महेश चन्द जांगिड़, डोरी लाल, विष्णु सिंघल, इन्द्र सिंह, रेशम सिंह, चरन सिंह आदि का हिमालयी निवासी महामण्डलेश्वर अमृतानन्द महाराज को पुष्पवर्षा कर सम्मान किया।