लक्ष्मणगढ़ में नव-आवंटित घुमंतू बस्ती में पेयजल संकट; समाजसेवी विक्रम सिंह नरूका ने अधिशासी अधिकारी को लिखा पत्र
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) कस्बे में पिछले काफी वर्षों से रह रहे घुमंतू और खानाबदोश समुदाय (गाड़िया लोहारों) के सामने भीषण गर्मी के इस दौर में पीने के साफ पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस बुनियादी समस्या के त्वरित समाधान के लिए कस्बे के प्रबुद्ध समाजसेवी विक्रम सिंह नरूका ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पानी की व्यवस्था कराने की पुरजोर मांग की है।
- प्लॉट तो मिले, पर पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे परिवार
समाजसेवी विक्रम सिंह नरूका ने बताया कि पिछले दिनों नगर पालिका प्रशासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाते हुए पंचायत समिति के सामने, कठूमर रोड पर रह रहे इस घुमंतू समुदाय को स्थाई आवास हेतु प्लॉट आवंटित किए गए थे। लेकिन इस भीषण और तपती गर्मी में नव-आवंटित बस्ती में पीने के पानी का कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता न होने के कारण यहाँ के परिवारों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें पानी के लिए दूर-दराज भटकना पड़ रहा है।
- जल जीवन मिशन के तहत स्थाई समाधान की मांग
अधिशासी अधिकारी को सौंपे गए पत्र में नरूका ने ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के 'जल जीवन मिशन' का मुख्य लक्ष्य हर घर तक नल से जल पहुँचाना है। प्रशासन को इस वंचित समुदाय को भी इस योजना का लाभ देकर मुख्यधारा में लाना चाहिए।
- टैंकरों और अस्थाई पाइपलाइन की तत्काल आवश्यकता
नरूका ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान में पड़ रही अत्यधिक गर्मी को देखते हुए घुमंतू डेरे (बस्ती) वाले क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन द्वारा तुरंत विशेष अस्थाई पाइपलाइन बिछाई जाए। जब तक पाइपलाइन का काम पूरा नहीं होता, तब तक क्षेत्र में नियमित रूप से पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इन परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।


