स्कूलों के भौतिक विकास में भामाशाहों की अहम भूमिका, शिक्षा विभाग ने किया भामाशाहों सम्मान

Jun 29, 2026 - 18:59
 0
स्कूलों के भौतिक विकास में भामाशाहों की अहम भूमिका, शिक्षा विभाग ने किया भामाशाहों सम्मान

भरतपुर, (विष्णु मित्तल)राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जिले में शिक्षा के विकास और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशन स्थित स्काउट एवं गाइड मुख्यालय में जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में सरकारी विद्यालयों के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भामाशाहों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा) अतुल चतुर्वेदी, सीबीईओ बच्चू सिंह, सतीश कुमार तथा गिर्राज प्रसाद उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले में संचालित विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों, विद्यालय विकास कार्यक्रमों तथा जनसहयोग से किए गए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जिले के अनेक सरकारी विद्यालयों में भामाशाहों के सहयोग से कक्ष निर्माण, चारदीवारी, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, फर्नीचर, खेल सामग्री तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास हुआ है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हुआ है।
इस अवसर पर उच्चैन निवासी समाजसेवी रिखब चंद मित्तल, रूदावल निवासी सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी विष्णु कुमार गोयल, कमालपुरा निवासी मोहन सिंह, जहांगीरपुर निवासी रामचरन तथा राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय रूदावल के प्रधानाचार्य राजेन्द्र गोयल सहित अन्य सहयोगकर्ताओं को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के कारण समाज में सेवा, समर्पण और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनता है।
मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। किसी देश की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की शिक्षा, संस्कार, जागरूकता और सामाजिक चेतना से मापी जाती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं होते, बल्कि वे ऐसे केंद्र होते हैं जहां से भविष्य का निर्माण होता है। इसलिए विद्यालयों का विकास वास्तव में राष्ट्र निर्माण का कार्य है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वही सुविधाएं मिलनी चाहिए जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को उपलब्ध हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में भामाशाहों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब समाज का सक्षम वर्ग शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करता है तो उसका लाभ आने वाली कई पीढ़ियों तक पहुंचता है।
जिला कलेक्टर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में दान, सेवा और परोपकार की परंपरा सदियों पुरानी है। इतिहास में अनेक ऐसे उदाहरण मिलते हैं जब भामाशाहों ने समाज और राष्ट्रहित में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। आज भी अनेक समाजसेवी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ऐसे सभी व्यक्तियों का सम्मान करता है जो समाज के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों को मजबूत बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। यदि समाज, प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर कार्य करें तो सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट संस्थानों में बदला जा सकता है। उन्होंने उपस्थित भामाशाहों से विद्यालयों में पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल सुविधाएं और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में सहयोग देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग और प्रशासनिक प्रयासों के समन्वय से शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन संभव है। उन्होंने सम्मानित भामाशाहों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके कार्य अन्य लोगों को भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास भी करती है। इसलिए विद्यालयों का समग्र विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और शिक्षा के प्रति उनका रुझान भी मजबूत हो रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में न केवल भौतिक संसाधनों का विकास हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी हुआ है। अनेक विद्यालयों में पुस्तकालय, खेल मैदान, स्मार्ट क्लास और विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल रहा है। इससे सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ा है।
समारोह के दौरान शिक्षा, समाजसेवा और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक सक्षम नागरिक अपने क्षेत्र के किसी एक विद्यालय को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग करे तो शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। समाज के सहयोग से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को दूर किया जा सकता है और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में भाजपा जिला प्रवक्ता देवेन्द्र चामड़, जगदम्बा बाबूजी, दीपेन्द्र, धीरज जैन, कमलेश मित्तल, अजय अग्रवाल, सुभाष पराशर, युधिष्ठिर सिंह, कमलेश रौतवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक, प्रधानाचार्य, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन विजय सिंह कुंतल ने किया। उन्होंने समारोह की विभिन्न गतिविधियों का प्रभावी संचालन करते हुए अतिथियों, भामाशाहों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का परिचय कराया तथा पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराया।
अंत में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा) अतुल चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों, भामाशाहों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से सरकारी विद्यालयों में विकास कार्यों को नई गति मिली है तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को विद्यालय विकास अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
समारोह में यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा तथा सरकारी विद्यालयों को आधुनिक, संसाधनयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेंगे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क ll बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................ मौजूदा समय में डिजिटल मीडिया की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। आलम तो यह है कि हर कोई डिजिटल मीडिया से जुड़ा रहना चाहता है। लोग देश में हो या फिर विदेश में डिजिटल मीडिया के सहारे लोगों को बेहद कम वक्त में ताजा सूचनायें भी प्राप्त हो जाती है ★ G Express News के लिखने का जज्बा कोई तोड़ नहीं सकता ★ क्योंकि यहां ना जेक चलता ना ही चेक और खबर रुकवाने के लिए ना रिश्तेदार फोन कर सकते औऱ ना ही ओर.... ईमानदार ना रुका ना झुका..... क्योंकि सच आज भी जिंदा है और ईमानदार अधिकारी आज भी हमारे भारत देश में कार्य कर रहे हैं जिनकी वजह से हमारे भारतीय नागरिक सुरक्षित है