सेलवाड़ा बांध पर आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल: टापू पर फंसे 3 लोगों को सुरक्षित निकाला, बहते हुए 2 को बचाकर अस्पताल पहुंचाया
, सिरोही रेवदर (रमेश सुथार। मानसून और भारी बारिश के मद्देनजर संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए उपखंड के सेलवाड़ा बांध पर सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ (SDRF) द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न विभागों ने आपसी समन्वय का परिचय देते हुए सफल रेस्क्यू ऑपरेशन का जीवंत प्रदर्शन किया।
- बाढ़ जैसे हालातों के बीच हुआ रेस्क्यू का अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान बांध क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति की कल्पना की गई। अभ्यास के तहत पानी के बीच एक टापू पर फंसे तीन व्यक्तियों को सिविल डिफेंस और SDRF की टीमों ने बेहद सूझबूझ और फुर्ती के साथ सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, पानी के तेज बहाव में बह रहे दो अन्य व्यक्तियों को भी रेस्क्यू कर समय रहते पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद चिकित्सा विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।
- अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा
इस मॉक ड्रिल की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला व उपखंड स्तर के उच्च अधिकारी मौके पर डटे रहे। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राजेश गोयल और उपखंड अधिकारी राजन लोहिया ने घटनास्थल पर रहकर पूरी व्यवस्थाओं और तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया।
आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी: जिला कलेक्टर
- जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को प्रभावी बनाना और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) दी जा सके। उन्होंने उपस्थित सिविल डिफेंस, SDRF और पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।


