आंगनबाड़ी केंद्रों पर आज से ताले: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू

Jul 16, 2026 - 19:08
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर आज से ताले: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू

जहाजपुर  (मोहम्मद आज़ाद नेब) 16 जुलाई

अपनी 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार से परियोजना क्षेत्र के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की शुरुआत की। आंदोलन के पहले दिन सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर उपखंड अधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अपनी मांगों से अवगत कराते हुए काम पूरी तरह ठप रखने का एलान किया।

'वर्षों से कर रहीं काम, पर मिला सिर्फ आश्वासन'

सौंपे गए ज्ञापन में आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी और महत्वपूर्ण योजनाओं का धरातल पर जिम्मेदारीपूर्वक संचालन कर रही हैं। इसके बावजूद उनकी वाजिब और लंबित मांगों पर सरकार द्वारा आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कई बार शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के बाद भी जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो मजबूर होकर उन्हें अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।

गतिविधियां ठप: 16 जुलाई से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन तालाबंदी और धरने के कारण क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित गतिविधियां, बच्चों का पोषाहार वितरण और स्वास्थ्य जांच जैसे कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।

यह हैं प्रमुख 11 सूत्रीय मांगें:

  • राजकीय दर्जा व नियमितीकरण: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित कर राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।

  • मानदेय में बड़ी वृद्धि: कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय ₹28,000 तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹25,000 निर्धारित किया जाए।

  • समय पर भुगतान: प्रत्येक माह की 5 तारीख तक मानदेय का अनिवार्य रूप से भुगतान हो।

  • सामाजिक सुरक्षा: सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन व्यवस्था लागू की जाए और सेवा नीति में उचित संशोधन हो।

  • अतिरिक्त कार्य से मुक्ति: कार्यकर्ताओं को विभागीय कार्यों के अलावा अन्य अतिरिक्त और ऑनलाइन कार्यों के बढ़ते दबाव से मुक्त किया जाए।

  • अवकाश की सुविधा: सरकारी विद्यालयों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश प्रदान किए जाएं।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

आंदोलनरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह तालाबंदी और धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं ले लेती। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र व तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के कारण आम जनता और बच्चों को होने वाली परेशानियों तथा उत्पन्न परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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