गायत्री नगर में आर्यिका रत्न अर्हं श्री माताजी का भव्य मंगल प्रवेश, विश्व शांति के लिए हुई शांतिधारा
जयपुर, (कमलेश जैन) परम पूज्य आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज की शिष्या, सम्यक्त्व वर्धिनी व भक्तामर साधिका आर्यिका रत्न श्री 105 अर्हंश्री माताजी ससंघ का मंगलवार प्रातः गायत्री नगर (महारानी फार्म) स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस दौरान पूरा परिसर गुरुभक्ति के भजनों और जयकारों से गूंज उठा।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि पूज्य माताजी ससंघ प्रातः 5:30 बजे मीरा मार्ग जैन मंदिर से विहार कर महारानी फार्म पहुंचीं। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन व आरती कर आशीर्वाद लिया। मंदिर पहुंचने पर महिला मंडल द्वारा मंगल कलश के साथ माताजी की अगवानी की गई। इसके बाद दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में माताजी का मंदिर जी में प्रवेश हुआ।
विश्व शांति के लिए की गई शांतिधारा
अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि माताजी के पावन सानिध्य में विश्व शांति की कामना के साथ अभिषेक व शांतिधारा की गई। प्रथम अभिषेक व शांतिधारा करने का सौभाग्य गौरव जैन (खेड़ली वाले), विद्या प्रताप काला और गुंजन जैन को मिला। सभी मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गईं।
रोज अच्छे कार्यों को डायरी में लिखें: माताजी
मंगल प्रवेश के बाद आयोजित धर्मसभा में पूज्य माताजी ने अपने अमृत वचनों में कहा कि, "प्रत्येक श्रावक-श्राविका को अपनी दिनचर्या में से समय निकालकर प्रतिदिन अपने अच्छे कार्यों को डायरी में जरूर लिखना चाहिए। इसके साथ ही रोज सोने से पहले सभी को मन से क्षमा करें और सबसे क्षमा मांगें। आज बोए गए अच्छे संस्कार ही भविष्य को सुंदर बनाएंगे।"
इस अवसर पर मंदिर समिति के राजेश वोहरा, संजय ठोलिया, राकेश छावड़ा, राकेश पटौदी, बसंत बाकलीवाल, आलोक शाह, कैलाश छाबडा, उदयभान जैन, आनंद बाकलीवाल आदि पदाधिकारियों ने धर्म जागृति संस्था के प्रदेश अध्यक्ष पदम बिलाला व बाहर से आए भक्तों का स्वागत किया। मंच संचालन अध्यक्ष अरुण शाह ने किया।
बुधवार, 15 जुलाई को प्रातः मंदिर जी में अभिषेक, शांतिधारा व माताजी के मंगल प्रवचन होंगे। इससे पूर्व दोपहर में स्वाध्याय, शंका समाधान व संस्कार यात्रा के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।


