खाकी पर दाग: बजरी माफिया से मिलीभगत में दो कांस्टेबल सस्पेंड, '112' का ड्राइवर भी हटाया
अजमेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; थानों और नाकों के सामने से अवैध डंपर पार कराने का आरोप, जांच में खुलेंगे और भी राज
अजमेर जिले में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ पुलिस महकमे ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। बजरी माफियाओं के साथ कथित साठगांठ और उन्हें संरक्षण देने के गंभीर आरोप में कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक (एसपी) उषा यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो कांस्टेबलों को तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इसके साथ ही पुष्कर थाने की आपातकालीन सेवा '112' के वाहन चालक को भी पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से महकमे और बजरी माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में पुष्कर थाने के कांस्टेबल रामदेव और हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने के कांस्टेबल राजेंद्र शामिल हैं। वहीं, पुष्कर थाने की '112' नंबर गाड़ी के ड्राइवर के खिलाफ भी हटाने की कार्रवाई की गई है।
सामने से पार लगवाते थे अवैध डंपर
कैसे चलता था खेल: सूत्रों के मुताबिक, दोनों कांस्टेबलों पर आरोप है कि ये बजरी माफियाओं के लिए मुखबिरी और लाइन क्लियर करने का काम करते थे। माफियाओं के अवैध बजरी से भरे डंपरों को पुलिस नाकों और थानों के ठीक सामने से बिना किसी रोक-टोक के सुरक्षित निकलवाने में ये मोटी रकम लेकर सहयोग कर रहे थे।
जांच के घेरे में कई और पुलिसकर्मी
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मिलीभगत केवल इन तीन कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। जांच के दौरान कुछ अन्य पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आने की पूरी आशंका है।
इस पूरे घटनाक्रम पर जब कार्यवाहक एसपी उषा यादव से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। बहरहाल, इस सख्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि माफियाओं को शह देने वाले वर्दीधारियों को बख्शा नहीं जाएगा।


