आस्था का सैलाब: राजगढ़ में निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जानकी ब्याहने पहुॅंचे जगन्नाथ
राजगढ़(अलवर) अनिल गुप्ता
जन-जन की आस्था के आराध्य देव भगवान जगन्नाथ जी महाराज की रथयात्रा सशस्त्र पुलिस की सलामी व आस्था के साथ चौपड़ बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकाली गई। इस मौके पर दूल्हे के रूप में सजे भगवान भगवान जगन्नाथ को विशेष रूप से तैयार किये गये गरूड़ रूपी विमान मे आरूढ़ किया गया। इस मौके पर भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की गई। राजसी पोशाक में दूल्हा बने जगन्नाथ को रथ में आरूढ़ करने पूर्व गार्ड ऑफ ऑनर' देने की अनोखी परंपरा निभाई गई। इस मौके पर समूचा वातावरण जानकी मैया जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। जब भगवान को रथ में आरूढ़ किया गया तो उनकी नयनाभिराम छवि को देखने हजारो की भीड जमा हो गई। वही महिला-पुरुष श्रदालु इस आयोजन के साक्षी बने। इस अवसर पर धंटे धडियाल, शंख की ध्वनि के साथ साथ जय जगदीश हरे के उद़धोष से पूरा वातावरण जगदीशमयी हो गया। रथयात्रा के आगे बैडंबाजो पर भजनो की प्रस्तुतियों के साथ सैकडो भक्तों की टोलियां नाचते थिरकते महानायक की महिमा का बखान कर रही थी। श्रृदालु महिला पुरूष मन मे मनोकामना लिए भगवान के रथ को छूकर धर्मलाभ कमाने में पीछे नही रहे। दूसरी ओर रथ के पीछे उमस के बावजूद पंखियो से हवा करते नन्हे बालक व परिक्रमा मार्ग में पेट पलनियॉं देने वालो की होड़ सभी के लिये आकर्षण का केन्द्र रही। इस अवसर पर दूल्हे बने जगन्नाथ की रास्तो में पड़ने वाले सीताराम मंदिर, कांकवाडी हनुमान मंदिर, अवधूत आश्रम के मंहत सहित अनेक मंदिरो में आरती की गई। रथ के आगे पट्टेबाजी व हैरतअंगेज कारनामे मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। रथयात्रा के मार्ग में अनेक सामाजिक संगठन व सेवाभावी लोगो ने शीतल मीठे पानी की प्याऊ, नींबू शिकंजी, पकोड़े जलेबी एंव प्रसाद का वितरण कर धर्मलाभ कमाया। देर रात्रि जानकी ब्याहने गंगाबाग पहुॅंचे जहां पर भगवान जगन्नाथ का वधु पक्ष की ओर से ठिकाना गंगाबाग के मंहत प्रकाशदास महाराज एंव उनके उत्तराधिकारी उमाशंकर गुड्डू महाराज ने महाआरती व पुघ्प वर्षा कर अगुवानी की। वही इस महोत्सव में अन्य साधु संत व सामाजिक संगठन के लोगो ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इसी के साथ गंगाबाग परिसर में सात दिवसीय मेला महोत्सव का आगाज हो गया।
इस अवसर पर बाबूलाल गूगडीद, जयप्रकाश गंगावत, कांतिचंद भेरूघाटी, लल्या राम, सत्यनारायण शर्मा, लक्षमणसिंह, पवनसिंह नरुका, लल्लू राम बैरवा व पूर्व आयकर आयुक्त बीपी मीणा सहित सैंकड़ो श्रद्धालु व भक्त जन मौजूद रहे।


