हुनर को मिली पहचान: हिन्दुस्तान स्काउट गाइड अभिरुचि एवं स्वरोजगार शिविर का भव्य समापन
सीकर (सुमेर सिंह राव) हिन्दुस्तान स्काउट गाइड एवं सेवार्थ फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अभिरुचि एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने हाथों से सिले हुए परिधानों एवं विभिन्न उपयोगी वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई, जिसकी अतिथियों ने सराहना की।
समारोह के दौरान सेवार्थ फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से एक जरूरतमंद महिला को निशुल्क सिलाई मशीन भेंट कर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित किया गया। संस्था ने महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य अतिथि सीकर फाउंडेशन के सुरेश अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनते हैं। सन्नो मोदी ने कहा कि महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सचिव आनंद सिहोटिया ने महिलाओं को मीडिया का सदुपयोग करने की सलाह दी
सोशल मीडिया यूट्यूबर मंजू गौरा ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हुनर को सही मंच और अवसर मिले तो हर महिला अपनी अलग पहचान बना सकती है। डॉ. एकता वशिष्ठ ने महिलाओं को स्किन केयर एवं दंत स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए स्वस्थ त्वचा और सुंदर मुस्कान के लिए नियमित देखभाल तथा दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम में हिंदुस्तान स्काउट गाइड सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सीडीओ किरण सैनी, प्राचार्य विवेक जांगिड़, सुशीला कसवां, सुमन मामू, मंजू गौरा, नीतू सैन ,शकुंतला, ललिता, स्काउट डीओ नकुल मीणा एवं परमेश्वरी वर्मा सुशीला रेवाड़ अनिता सुमित्रा ममता विद्या चंदा हंसा कंवर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। आए हुए सभी अतिथियों का स्कार्फ पहनाकर स्काउट गाइड की ओर से सम्मान किया गया
शिविर संचालिका माया खीचड़ ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सुलोचना देवी द्वारा किया गया। अध्यक्ष साधना सेठी द्वारा सभी अतिथियों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया
समापन समारोह में उत्साह, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। महिलाओं के चेहरे पर अपने हुनर की पहचान मिलने की खुशी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।


