जालूकी पुलिस की कार्यवाही; साइबर ठगों को फर्जी सिम सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, गुजरात के सूरत से दो रिटेलर गिरफ्तार
डीग (राजस्थान) डीग जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एंटीवायरस' और 'प्रतिबिंब पोर्टल' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। जालूकी थाना पुलिस ने साइबर ठगों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गुजरात के सूरत से दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ग्राहकों के बायोमेट्रिक डेटा का गलत इस्तेमाल कर फर्जी सिम एक्टिवेट करते थे और उन्हें ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों को बेच देते थे।
- रायपुर के शहबाज से मिला सुराग
जालूकी थानाधिकारी मनीराम शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने कुछ दिनों पहले जिला स्पेशल टीम (DST) और साइबर सेल के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए रायपुर निवासी शहबाज (28) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने शहबाज के कब्जे से 175 फर्जी सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किया था। थाने में मामला दर्ज करने के बाद जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने इस पूरे रैकेट के मुख्य सप्लायरों के बारे में अहम सुराग दिए।
- ग्राहकों के फिंगरप्रिंट का ऐसे करते थे दुरुपयोग
शहबाज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने गुजरात के सूरत में दबिश दी। वहाँ से पुलिस ने सौरभ (पुत्र ब्रजकिशोर राजपूत) और तरुण उर्फ मोहित (पुत्र सुखपाल यादव) को धर दबोचा।
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी मोबाइल कंपनी के अधिकृत रिटेलर हैं। जब कोई आम ग्राहक अपनी सिम एक्टिवेट कराने या नया कनेक्शन लेने उनकी दुकान पर आता था, तो ये आरोपी तकनीकी खराबी या सर्वर एरर का बहाना बनाकर ग्राहक से एक से अधिक बार बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन करवा लेते थे। इसी अतिरिक्त फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर वे उसी ग्राहक के नाम पर दूसरी फर्जी सिम एक्टिवेट कर लेते थे।
- अदालत ने भेजा पुलिस रिमांड पर
इन अतिरिक्त फर्जी सिमों को आरोपी मोटी रकम लेकर अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों को सप्लाई कर देते थे, जिनका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी और ठगी की वारदातों में किया जाता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क और फर्जी सिम खरीदने वाले साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।


