खींवसर ब्लॉक में टीबी मुक्त अभियान: 4 गांवों में विशेष शिविर, मौके पर ही हुए डिजिटल एक्स-रे
नागोर (मोहम्मद शहजाद)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत खींवसर ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। ब्लॉक के चार गांवों में सघन अभियान चलाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान और जांच की गई।
???? अभियान से जुड़े मुख्य आंकड़े (एक नजर में)
ग्रामीणों की सुविधा के लिए आधुनिक पोर्टेबल हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया, जिससे मौके पर ही डिजिटल एक्स-रे रिपोर्ट मिल सकी। शिविर के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
| विवरण | आंकड़े |
| लक्षित गांव | 4 (ताडावास, खड़काली, नंदवानी और भावण्डा) |
| प्राथमिक स्क्रीनिंग | 500 से अधिक ग्रामीण |
| चिह्नित संभावित मरीज | 144 व्यक्ति |
| तत्काल डिजिटल एक्स-रे | 144 संभावित मरीजों के मौके पर |
| अन्य कदम | बलगम सैंपल कलेक्शन और निःशुल्क पोषण किट वितरण |
???? जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्रवण राव ने इन शिविरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया।
"टीबी एक पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज बिना कोई नागा किए अपना पूरा कोर्स नियमित रूप से पूरा करे। हमारी टीम हर एक संभावित मरीज की उचित ट्रैकिंग कर रही है ताकि कोई भी इलाज से वंचित न रहे।"
— डॉ. श्रवण राव (जिला क्षय रोग अधिकारी)
???? मौके पर सक्रिय रही स्वास्थ्य टीम
शिविर को सफल बनाने में रेडियोग्राफर देवाशीष, देवकिशन, आनंद परिहार, कम्युनिटी मोबिलाइजर अनुराग पुरोहित, एएनएम आईना, सुमन शर्मा, सीएचओ तेजाराम तार्ड, जिला टीबी समन्वयक सुनील हर्ष, हेमाराम चौधरी, गोपाल बुगालिया सहित कई स्थानीय प्रबुद्धजन और स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।


