तरकुलहा मंदिर धर्मशाला विवाद में दो पक्षों में मारपीट, दोनों ओर से हत्या के प्रयास सहित मुकदमा दर्ज
गोरखपुर (शशि जायसवाल) चौरीचौरा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध तरकुलहा मंदिर परिसर की सार्वजनिक धर्मशाला को लेकर सोमवार को दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, धारदार हथियार से हमला और गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पहले पक्ष के अनुसार, तरकुलहा के व्यापारी अमरनाथ जायसवाल ने आरोप लगाया है कि देवीपुर निवासी वीरेंद्र यादव और जितेंद्र यादव अपने दो अन्य साथियों के साथ सार्वजनिक धर्मशाला पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से फाटक लगा रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे अमरनाथ जायसवाल के सिर में गंभीर चोट आई।
वहीं, दूसरे पक्ष के वीरेंद्र यादव ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि वह धर्मशाला की मरम्मत का कार्य करा रहे थे। इसी दौरान अमरनाथ जायसवाल, हिमांचल साहनी और उनके साथ आए कुछ अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। वीरेंद्र ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने का दावा किया, जबकि उज्ज्वल साहनी के घायल होने की बात भी कही गई है।
पुलिस ने अमरनाथ जायसवाल की तहरीर पर दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, वीरेंद्र यादव की तहरीर पर भी दो नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। धर्मशाला पर कथित कब्जे और मारपीट की घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


