अवैध हथियार बनाने वाली मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
कामां पुलिस, DST और QRT की संयुक्त दबिश; 7 निर्मित-अर्धनिर्मित हथियार और भारी मात्रा में मशीनें व उपकरण बरामद, मुख्य सप्लायर फरार
डीग (राजस्थान) जिला पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। डीग जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ (IPS) के निर्देशन में चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत कामां थाना पुलिस, जिला स्पेशल टीम (DST) और क्यूआरटी (QRT) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम लुहेसर में चल रही अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बने और अधबने हथियार तथा उन्हें बनाने के उपकरण जब्त किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई को डीएसटी प्रभारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र को पुख्ता सूचना मिली थी कि लुहेसर गांव निवासी इन्ताज पुत्र साब खां के मकान में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से चिन्हित मकान की घेराबंदी कर दबिश दी, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मकसूद (42) पुत्र नसरु और इन्ताज (35) पुत्र साब खां, दोनों निवासी लुहेसर, थाना कामां के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले कई वर्षों से संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। बरामदगी का विवरण:-
- हथियार: .315 और 12 बोर की सिंगल शॉट बंदूकें, एक .315 बोर पौना, दो टोपीदार बंदूकें और कई अर्धनिर्मित हथियार।
- मशीनें व उपकरण: ग्राइंडर मशीन, ड्रिल मशीन, सुराख करने के औजार, रेती, छैनी, हथौड़ी, पिलास, चाकू, लोहे के बैरल, लकड़ी के बट और भारी मात्रा में कलपुर्जे।
फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस संगठित नेटवर्क का मुख्य सदस्य मम्मन उर्फ मम्मनदीन (निवासी मुसेपुर) है, जो हथियार बनाने के लिए कच्चा माल और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराता था। फिलहाल मम्मन पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
संगठित अपराध (BNS) के तहत मामला दर्ज
- कामां थाना पुलिस ने इस मामले में प्रकरण संख्या 374/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(बी) (संगठित अपराध) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर इनके पूरे सप्लाई नेटवर्क और खरीदारों के बारे में पूछताछ कर रही है।


