गोशालाओं को बदनाम करने का षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं: प्रदेश अध्यक्ष गोविंदराम शास्त्री सहित प्रतिनिधियों ने रिकवरी आदेश पर उठाए सवाल
गोशालाओं पर 100 करोड़ की रिकवरी का विरोध, समाधान के लिए प्रदेशभर के प्रतिनिधि जयपुर में जुटे
राजस्थान गो सेवा समिति की विशेष बैठक, गोशालाओं की समस्याओं के समाधान को लेकर बनी रणनीति
बावड़ी (जोधपुर / मिश्रीलाल लखारा) राजस्थान गोसेवा समिति के तत्वावधान में सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला में रामधाम खेड़ापा के उत्तराधिकारी एवं गो सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष संत गोविन्दराम शास्त्री सहित विभिन्न गोशालाओं के प्रतिनिधियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में महालेखाकार द्वारा प्रदेश की 38 गोशालाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये की रिकवरी निकाले जाने के मामले पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसके समाधान के लिए सामूहिक रणनीति बनाई गई।
बैठक में बताया गया कि महालेखाकार की ओर से रिकवरी के लिए चार प्रमुख बिंदु चिन्हित किए गए हैं। इनमें गोवंश पर भारत सरकार के टैग नहीं होना, टैग का ऑनलाइन दर्ज नहीं होना, मृत गोवंश पर अनुदान लेने तथा डबल टैग के आधार पर अनुदान लेने जैसी आपत्तियां शामिल हैं।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि गोवंश पर टैग लगाने एवं उन्हें ऑनलाइन दर्ज करने का कार्य पशुपालन विभाग के चिकित्सकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाता है, ऐसे में विभागीय त्रुटियों का दायित्व गोशालाओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। यदि किसी गोशाला ने मृत गोवंश या डबल टैग के आधार पर अनुदान प्राप्त किया है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन भौतिक सत्यापन करने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से गोशालाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे सरकारी अनुदान बंद हो जाए और गोभक्तों का सहयोग भी प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि गोशालाएं निस्वार्थ भाव से गोसेवा कर रही हैं और इस सेवा कार्य को किसी भी साजिश से कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
समिति ने बताया कि पिछले दो माह से प्रदेश के मंत्री, पशुपालन सचिव एवं गोपालन विभाग के अधिकारियों से लगातार संवाद कर रिकवरी प्रकरण का शीघ्र समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सभी गोशाला प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र के विधायक एवं सांसदों को इस विषय से अवगत कराकर मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचाने का आग्रह किया गया।
बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि जब तक गोशालाओं से जुड़ी इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक संगठित होकर निरंतर प्रयास जारी रखे जाएंगे।
इस अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक महंत दिनेशगिरि महाराज, प्रदेशाध्यक्ष गोविंदराम शास्त्री महाराज, गोविंद वल्लभदास महाराज, रघुनाथ भारती महाराज, रामदास महाराज, रघुनाथ सिंह राजपुरोहित, बी.पी. क्याल सहित प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्य एवं विभिन्न गोशालाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


