गाय को पहली रोटी देने की अनूठी परंपरा: सोशल मीडिया पर छाए दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह 'बब्बू भैया'
बदायूँ (अभिषेक वर्मा) अपनी सादगी और जनप्रिय छवि के लिए मशहूर दातागंज के विधायक राजीव कुमार सिंह उर्फ 'बब्बू भैया' इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर हर आम-ओ-खास की जुबां पर छाए हुए हैं। उनकी एक भावुक और प्रेरक अपील की चौतरफा सराहना हो रही है, जिसने समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों की याद दिला दी है।
क्या है 'बब्बू भैया' की अनोखी अपील?
विधायक राजीव कुमार सिंह ने क्षेत्र और समाज के हर व्यक्ति से एक विशेष और बेहद सरल अपील की है। उन्होंने कहा है कि हर परिवार अपने घर में भोजन बनते समय पहली दो रोटी निकालकर गौमाता (गाय) के लिए सुरक्षित रखे और उन्हें दान करे। उनका मानना है कि यदि हर घर से मात्र दो रोटी गौमाता के लिए निकलने लगे, तो कोई भी गाय सड़क पर भूखी-प्यासी नहीं भटकेगी।
कथनी और करनी का सटीक उदाहरण: घर से ही शुरू की परंपरा
बब्बू भैया की यह अपील केवल राजनैतिक या हवा-हवाई नहीं है, बल्कि उनके अपने घर में यह परंपरा सालों से पूरी शिद्दत के साथ निभाई जा रही है। विधायक दातागंज की धर्मपत्नी सुधा सिंह रोज़ाना सुबह व शाम को जब रसोई में खाना बनाने बैठती हैं, तो सबसे पहले वे आदरपूर्वक गौमाता के हिस्से की रोटी निकालती हैं।
इस संबंध में स्वयं विधायक का कहना है:-
"जब तक हम स्वयं अपने आचरण में किसी बात को नहीं ढालते, तब तक दूसरों को सीख देने का कोई अधिकार नहीं है। उपदेश देने से बेहतर है कि हम खुद उसे करके दिखाएं।"
संवाददाता अभिषेक वर्मा और विधायक बब्बू भैया के बीच बातचीत के मुख्य अंश:
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सवाल: इन दिनों सोशल मीडिया पर आपकी इस अपील की खूब चर्चा है। इस मुहिम के पीछे की सोच क्या है?
जवाब (राजीव कुमार सिंह): हमारी सनातनी संस्कृति में गाय को सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि माता का दर्जा दिया गया है। आज के आधुनिक दौर में हम अपनी पुरानी अच्छी आदतें भूलते जा रहे हैं। मेरी अपील बहुत सरल है—अगर हम सब मिलकर यह छोटा सा प्रयास करें, तो अपनी संस्कृति को भी बचा पाएंगे और गौमाता की सेवा भी हो सकेगी।
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सवाल: आपके घर में आपकी धर्मपत्नी सुधा सिंह इस नियम का कड़ाई से पालन करती हैं?
जवाब: बिल्कुल सही सुना आपने। सुधा हर रोज़ सुबह-शाम खाना बनाते समय पहली रोटी गाय के नाम की निकालती हैं। जब मेरे खुद के घर में यह हो रहा है, तभी मैं अधिकार के साथ अपनी जनता से यह अपील कर पा रहा हूँ।
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सवाल: जनता और सोशल मीडिया से मिल रहे इस भारी समर्थन पर आप क्या कहेंगे?
जवाब: मैं जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह मेरी तारीफ नहीं है, बल्कि हमारी जनता के भीतर छिपी गौ-भक्ति और उनके अच्छे संस्कारों की जीत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह अपील जल्द ही हर घर की आदत बनेगी।
'संस्कार और संस्कृति का संगम'
सोशल मीडिया पर इस पहल को लोग 'संस्कार और संस्कृति का अद्भुत संगम' बता रहे हैं। बदायूँ और दातागंज की जनता विधायक की इस सोच की जमकर प्रशंसा कर रही है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि बब्बू भैया ने "नेकी की राह दिखाना" और "कथनी और करनी एक होना" जैसे जीवन मूल्यों को चरितार्थ किया है। यह पहल समाज में एक बड़े और सकारात्मक बदलाव की नींव साबित होगी।


