ACS बोले- जर्जर स्कूल भवन तुरंत गिराएं: छतों पर चढ़कर किया औचक निरीक्षण, खराब निर्माण मिला तो दोबारा बनेगा भवन
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त मोड में आ गया है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) राजेश यादव ने बुधवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक जयपुर और दौसा जिलों के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसीएस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि स्कूलों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी जर्जर विद्यालय भवन में बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा और ऐसे खतरनाक ढांचों को तत्काल गिराया जाए। वहीं, क्षतिग्रस्त और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (NDT) कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
- ???? कागजी रिपोर्ट नहीं, खुद सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़े ACS
निरीक्षण के दौरान राजेश यादव केवल अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहे। उन्होंने खुद स्कूलों की छतों पर चढ़कर निर्माण की गुणवत्ता का जायजा लिया। जिन स्कूलों में स्थाई सीढ़ियां नहीं थीं, वहां उन्होंने अस्थाई सीढ़ी का इस्तेमाल किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय भवनों की नींव मजबूत रखी जाए, बारिश के दौरान छतों पर जलभराव न हो और परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
???? इन स्कूलों का हुआ औचक निरीक्षण:
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, त्रिलोकपुरा (बस्सी)कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कल्याणपुराराजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कल्याणपुराराजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुजानपुराराजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भण्डाना व पालावास (दौसा)
???? छात्राओं से संवाद और मिड-डे मील की जांच
बस्सी ब्लॉक के स्कूलों में ACS ने कक्षाओं में जाकर शिक्षण व्यवस्था देखी और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वयं मिड-डे मील चखकर भोजन की गुणवत्ता जांची। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर शिक्षा, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा शिक्षकों से नामांकन बढ़ाने पर चर्चा की।
- ???? 'राजशाला संबलन ऐप' से होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
ACS ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। इसके साथ ही, निजी विद्यालयों की निगरानी और शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रभावी मूल्यांकन के लिए 'राजशाला संबलन ऐप' के माध्यम से नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
- ???? गुणवत्ता से समझौता किया तो खैर नहीं: अधिकारियों को चेतावनी
दौसा जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि एनडीटी (NDT) जांच में कोई भवन मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"


