भरतपुर सांसद संजना जाटव से मिला आशा सहयोगिनियों का प्रतिनिधिमंडल; न्यूनतम 24 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग

Jul 16, 2026 - 20:38
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भरतपुर सांसद संजना जाटव से मिला आशा सहयोगिनियों का प्रतिनिधिमंडल; न्यूनतम 24 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग

खेरली / दिनेश लेखी

कस्बे के बाईपास रोड स्थित सांसद कार्यालय में गुरुवार को आशा सहयोगिनी एकता मंच, राजस्थान (जिला अलवर) के एक प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर सांसद संजना जाटव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आशा सहयोगिनियों की वर्षों से लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सेवा संबंधी समस्याओं, कमजोर आर्थिक स्थिति और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सांसद के साथ विस्तार से चर्चा की और सरकार से इसका शीघ्र समाधान कराने की गुहार लगाई।

सांसद संजना जाटव ने की सराहना, तत्काल मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

आशा सहयोगिनियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सांसद संजना जाटव ने उनके कार्यों की सराहना की। सांसद ने कहा:

"आशा सहयोगिनियां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की असली रीढ़ हैं। उनकी जायज मांगों को सरकार तक पूरी मजबूती के साथ पहुंचाया जाएगा।"

प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए सांसद ने तत्काल प्रभाव से राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से आशा सहयोगिनियों की मांगों पर सकारात्मक और न्यायोचित निर्णय लेने का विशेष आग्रह किया।

ज्ञापन में रखी गईं यह 5 प्रमुख मांगें:

आशा सहयोगिनियों ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

क्र.सं. प्रमुख मांगें
1. आशा सहयोगिनियों को संविदा नियम-2022 के अंतर्गत शामिल किया जाए।
2. उन्हें राज्य कर्मचारी के समकक्ष दर्जा प्रदान किया जाए।
3. न्यूनतम मानदेय/वेतन ₹24,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाए।
4. सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद ₹10 लाख की एकमुश्त सहायता राशि और ₹12,000 प्रतिमाह पेंशन दी जाए।
5. स्वास्थ्य विभाग की एएनएम (ANM) व अन्य सरकारी भर्तियों में आशा सहयोगिनियों को 50% आरक्षण दिया जाए।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपने लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के तहत चरणबद्ध तरीके से आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

इस मौके पर सुनीता देवी, राजवती, राजन्ती, अनीता सहित आशा सहयोगिनी एकता मंच राजस्थान (जिला अलवर) की कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सांसद के सकारात्मक आश्वासन और तुरंत कदम उठाने पर सभी ने उनका आभार व्यक्त किया।

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