दवा देने से इनकार करने वाले RGHS मेडिकल स्टोर होंगे ब्लैकलिस्ट, सरकार सख्त
पेंशनर्स और लाभार्थियों को चक्कर कटवाने वाले सेंटरों पर गिरेगी गाज।
अकेले अलवर जिले में 219 मेडिकल स्टोर और 52 निजी अस्पताल रडार पर।
सीएमएचओ ने दिए निर्देश- बहाना बनाया तो आरजीएचएस से संबद्धता होगी समाप्त।
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) के लाभार्थियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब योजना से जुड़े मेडिकल स्टोर संचालक स्टॉक न होने का बहाना बनाकर मरीजों को खाली हाथ नहीं लौटा सकेंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर की पर्ची के अनुसार दवा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई मेडिकल स्टोर दवा देने से इनकार करता है या लाभार्थियों को अनावश्यक परेशान करता है, तो शिकायत सही मिलने पर उसे सीधे ब्लैकलिस्ट (संबद्धता समाप्त) कर दिया जाएगा।
- मरीजों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक्शन
यह सख्त कदम पिछले कुछ समय से पेंशनर्स और अन्य लाभार्थियों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद उठाया गया है। काला कुआं निवासी लाभार्थी अभिषेक शर्मा ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया, "कई मेडिकल स्टोर स्टॉक नहीं होने का बहाना बनाकर दवा देने से मना कर देते हैं। बुजुर्गों को एक स्टोर से दूसरे स्टोर के चक्कर लगाने पड़ते हैं और अंत में मजबूर होकर बाजार से महंगे दामों पर नकद दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।" इस तरह की मनमानी पर लगाम कसने के लिए विभाग ने अब कमर कस ली है।
अलवर में 219 स्टोर और 52 अस्पताल दायरे में
आंकड़ों के अनुसार, पुराने अलवर जिले में आरजीएचएस योजना के तहत 219 मेडिकल स्टोर और 52 निजी अस्पताल इम्पैनल्ड हैं। इन सभी को कड़े शब्दों में चेतावनी दी गई है कि वे मरीजों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएं और पर्ची में लिखी दवाएं तुरंत उपलब्ध कराएं।
शिकायत सही मिली तो होगी सीधे तालाबंदी: सीएमएचओ
- अलवर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. योगेंद्र शर्मा ने कहा, "सभी संबद्ध संस्थानों को नियमों के तहत गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करानी ही होंगी। यदि किसी भी स्टोर की शिकायत मिलती है, तो त्वरित जांच की जाएगी। लापरवाही या मनमानी साबित होने पर संबंधित मेडिकल स्टोर की आरजीएचएस संबद्धता तुरंत समाप्त कर दी जाएगी।"
उपभोक्ता यहाँ कर सकते हैं शिकायत
यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक आपको दवा देने से मना करता है या टालमटोल करता है, तो आप इन माध्यमों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 पर।
- लिखित शिकायत: स्थानीय सीएमएचओ (CMHO) कार्यालय में प्रमाण (पर्ची व स्टोर का नाम) के साथ।


