सुनकई में गंदगी और जलभराव से बढ़ा बीमारी का खतरा, शिकायतों के बावजूद प्रशासन बेखबर; नालियां अवरुद्ध होने से सड़कों पर भरा गंदा पानी, डेंगू-मलेरिया फैलने की आशंका
सुनकई/धौलपुर (नाहरसिंह मीना)। ग्राम पंचायत वटीकरा के अंतर्गत आने वाले गांव सुनकई में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से वेंटिलेटर पर आ गई है। गांव में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर और जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने राज्य एवं केंद्र सरकार के शिकायत निवारण पोर्टलों पर कई बार ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। हालात जस के तस बने होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
- सरकारी पोर्टलों पर शिकायतें भी बेअसर
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर गुहार लगाने के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों से भी उच्च स्तर पर समस्या को प्रमुखता से उठाया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। गांव की मुख्य गलियों, सार्वजनिक स्थलों और नालियों के आसपास भारी मात्रा में कचरा जमा होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उठती दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में बैठना तक मुहाल हो गया है।
- बेकाबू हो रहा मच्छरों का प्रकोप, जनस्वास्थ्य पर मंडराया खतरा
गांव के युवाओं का कहना है कि स्थानीय प्रशासन इस बदहाली से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद लापरवाह बना हुआ है। सड़कों पर हो रहे जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। इसका सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव मासूम बच्चों, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
- ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
परेशान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गांव में तत्काल व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने इस सुध नहीं ली, तो वे जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर होंगे।


