वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत भरतपुर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान,अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों ने लिया जल बचत का संकल्प
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के अंतर्गत सोमवार को कृषि परिसर, भरतपुर के सभागार कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार, भरतपुर खण्ड देशराज सिंह ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, जल संसाधनों के सतत एवं विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा जल बचत को जनभागीदारी से जोड़ना रहा।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में देशराज सिंह ने जल संरक्षण की पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फार्म पॉण्ड, पाइपलाइन तथा अन्य जल संरक्षण योजनाओं के लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद भरतपुर राधेश्याम मीणा ने वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 की कार्ययोजना एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए विभागीय योजनाओं के माध्यम से जल बचत के प्रभावी उपायों की जानकारी प्रदान की तथा किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।
इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान, जिला परिषद भरतपुर जनकराज मीणा ने उद्यान विभाग द्वारा संचालित सूक्ष्म सिंचाई एवं जल संरक्षण योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को जल दक्ष तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने वाले उत्कृष्ट किसानों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
सहायक निदेशक कृषि विस्तार, बयाना हरबान सिंह ने जल संकट की बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कृषि में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, जल बचत की पारंपरिक एवं आधुनिक विधियों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप जल प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं किसानों ने जल संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा जल की एक-एक बूंद बचाने का सामूहिक संकल्प एवं शपथ ली। कार्यशाला के साथ-साथ जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन विषयक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें नवीन तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं का प्रदर्शन किया गया।


