10 वर्षीय बालक की मौत का मामला: तखतगढ़ में 30 घंटे बाद समाप्त हुआ धरना, प्रशासन के आश्वासन पर बनी सहमति
तखतगढ़ (बरकत खान) तखतगढ़ कस्बे की महावीर बस्ती में 10 वर्षीय बालक विशाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पैदा हुआ गतिरोध सोमवार को करीब 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। उपखंड व पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों द्वारा परिजनों की मांगों पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई का लिखित व मौखिक आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन और समाज के लोग धरना समाप्त करने तथा शव का पोस्टमार्टम करवाकर उठाने पर सहमत हुए।
क्या था पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी भंवरलाल मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और उनकी पत्नी कमठा (मजदूरी) के काम पर गए हुए थे। घर पर उनके तीनों नाबालिग बच्चे—विशाल (12), चंचल (09) और मयंक (04) मौजूद थे। सुबह करीब 9:40 बजे पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि विशाल घर में फंदे से लटका हुआ है।
मृतक की बहन चंचल के आंखों देखे बयान के अनुसार, तीनों भाई-बहन छत पर खेल रहे थे। जब विशाल नीचे पानी पीने गया और काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो चंचल भी नीचे आई। चंचल ने देखा कि पड़ोसी ललित और राजू (पुत्रगण भैराराम) उसके भाई विशाल का जोर से गला दबा रहे थे। डर के मारे बच्ची वापस छत पर भाग गई। थोड़ी देर बाद जब वह पुन: नीचे आई तो दोनों आरोपी मुख्य दरवाजे से बाहर भाग रहे थे और विशाल कमरे के दरवाजे के ऊपर वेंटिलेटर की जाली से रस्सी के फंदे पर लटका हुआ था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने की कई दौर की वार्ता
घटना से आक्रोशित परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया था। सोमवार को स्थिति को संभालते हुए तखतगढ़ उप तहसीलदार जितेंद्र बेबरवाल, सुमेरपुर सीओ जितेंद्र सिंह, सुमेरपुर सदर थानाधिकारी भगाराम मीणा, थानाधिकारी शैतान सिंह तथा हेड कांस्टेबल पदमाराम धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों व समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ कई दौर की वार्ता की।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति:
- हत्या की धारा में जांच: उप तहसीलदार जितेंद्र बेबरवाल और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
- आर्थिक सहायता: पीड़ित मेघवाल परिवार को सरकारी नियमानुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है।

