'मन की बात' जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम, हर नागरिक को मिलती है सकारात्मक प्रेरणा - जवाहर सिंह बेढ़म
कारगिल वीरों को किया नमन, जल संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान
डीग (नीरज जैन) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड का रविवार को डीग जिले के बृजनगर स्थित बूथ संख्या 182 पर सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम में गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री के संदेशों को सुना और उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया।
इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को जनहित, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए जाने वाले प्रेरक प्रसंग और विचार लोगों में कर्तव्यबोध, सामाजिक जिम्मेदारी तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके अद्वितीय साहस, पराक्रम और देशभक्ति को स्मरण किया। साथ ही भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का उल्लेख करते हुए आईएनएस महेंद्रगिरि और पिनाका मिसाइल प्रणाली जैसी स्वदेशी उपलब्धियों को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत रक्षा शक्ति का प्रतीक बताया।
बेढ़म ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 'कैच द रेन' अभियान, वर्षा जल संरक्षण तथा मध्यप्रदेश में जनसहभागिता से निर्मित चार हजार तालाबों का उल्लेख कर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद भविष्य की अमूल्य धरोहर है, इसलिए इसका संरक्षण हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनहित, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र विकास की दिशा में प्रेरणादायी बताते हुए उन्हें अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करने तथा समाज में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

