अन्नपूर्णा रसोई में बड़ा फर्जीवाड़ा: असली लाभार्थी गायब, फर्जी कूपन जारी,3 श्री अन्नपूर्णा रसोइयों का अनुबंध रद्द
जोधपुर/राजस्थान
शहर में जरूरतमंदों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने वाली 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। भोजन करने वाले असली लाभार्थियों की जगह 'फोटो से फोटो' खींचकर फर्जी कूपन जारी करने के मामले में नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम आयुक्त राहुल जैन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन रसोइयों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और उन पर कुल 3 लाख रुपये (प्रति संस्था 1 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है।
ऐसे खुला धांधली का खेल
योजना के नियमानुसार रसोई में खाना खाने आने वाले हर व्यक्ति की मौके पर ही लाइव फोटो खींचकर कूपन जारी किया जाता है। हालांकि, शिकायत मिलने के बाद जब निगम की आईटी टीम ने जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। संचालकों ने नए लाभार्थियों की वास्तविक फोटो लेने के बजाय पुरानी तस्वीरों की फोटो खींच-खींचकर फर्जी कूपन काट डाले।
इन रसोइयों पर गिरी गाज:
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महात्मा गांधी अस्पताल परिसर: संतोषी देवी, जनकल्याण सेवा समिति (डेगाना) द्वारा संचालित (1 मई से 31 मई के कूपनों में फर्जीवाड़ा)।
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नहर चौराहा: ओम शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित (1 मई से 31 मई के कूपनों में फर्जीवाड़ा)।
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12वीं रोड: गुरु कृपा इंटरप्राइजेज द्वारा संचालित (1 अप्रैल से 30 अप्रैल के कूपनों में फर्जीवाड़ा)।
संतोषजनक जवाब नहीं, अनुबंध रद्द
मामला सामने आने पर निगम की ओर से तीनों संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि संस्थाएं कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और सरकारी कोष में गबन मानते हुए तीनों रसोइयों का अनुबंध तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही, भविष्य में निगम की किसी भी योजना में हिस्सा लेने पर रोक लगाते हुए इन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
शहर की बाकी रसोइयों की भी होगी जांच
इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन सतर्क हो गया है। शहर में संचालित अन्य सभी 'श्री अन्नपूर्णा रसोइयों' के रिकॉर्ड और कूपन प्रणाली की पारदर्शी जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। निगम आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और धांधली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

