आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान, का ऐतिहासिक आबू अधिवेशन: पत्रकार हितों एवं संगठन सशक्तिकरण की दिशा में लिए गए दूरगामी निर्णय
सिरोही (राजस्थान/ कमलेश जैन) आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के माउंट आबू में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन में संगठन को अधिक प्रभावी, सशक्त, संगठित एवं पत्रकार हितैषी बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। अधिवेशन में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने संगठन के भविष्य की व्यापक रूपरेखा तैयार करते हुए पत्रकार हितों की सुरक्षा, संगठनात्मक विस्तार तथा कल्याणकारी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए।
प्रमुख निर्णय
- 1. ग्यारह सदस्यीय कोर कमेटी का गठन एवं संगठनात्मक विस्तार।
प्रदेश संगठन के सुचारू संचालन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया एवं संगठनात्मक मार्गदर्शन हेतु 11 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसके अधिकारों एवं दायित्वों का स्पष्ट निर्धारण किया गया है।
साथ ही संगठन के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रदेश अध्यक्ष महोदय को आगामी 7 दिनों के भीतर प्रदेश कार्यकारिणी के 41 पदाधिकारियों तथा प्रदेश के समस्त 44 जिलाध्यक्षों की घोषणा करने के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे संगठनात्मक ढांचे को पूर्ण रूप से सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जा सके। - 2. वार्षिक समारोह एवं प्रतिभा सम्मान परंपरा की शुरुआत।
प्रदेश स्तर पर प्रतिवर्ष भव्य वार्षिक समारोह एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठन के सदस्यों को सपरिवार आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही शिक्षा, खेल, कला एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाले सदस्यों के प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान किया जाएगा। - 3. प्रदेश विधि प्रकोष्ठ का गठन
पत्रकारों को कानूनी सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश स्तर पर विधि प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में अधिवक्ता के रूप में एक विशेष आमंत्रित सदस्य को विधि सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। - 4. जिला स्तर पर चार सदस्यीय सहायक समिति
संगठन की आर्थिक सुदृढ़ता, समन्वय एवं प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक जिले में चार सदस्यीय सहायक समिति गठित की जाएगी। - 5. पत्रकार कल्याण कोष एवं सामुहिक बीमा
पत्रकारों एवं उनके परिवारों की आवश्यकता के समय सहयोग सुनिश्चित करने हेतु पत्रकार कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा तथा इसके संचालन के लिए पृथक समिति गठित की जाएगी। साथ ही संगठन के सदस्यों का सामुहिक बीमा की करवाने का निर्णय भी लिया गया है। - 6. सक्रियता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्णय
प्रदेश, जिला एवं अन्य स्तरों पर पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों तथा सदस्यों की सक्रियता, दायित्व निर्वहन एवं संगठनात्मक सहभागिता की नियमित समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। - 7. दो सौ विधानसभा प्रभारियों के सृजित होंगे पद
प्रदेश के सभी विधानसभा मुख्यालयों पर लगभग 200 संगठनात्मक पदों का सृजन कर विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये प्रभारी विधायक एवं सांसद स्तर पर संवाद स्थापित कर पत्रकार सुरक्षा कानून सहित विभिन्न पत्रकार हितों के मुद्दों पर प्रभावी पहल करेंगे। - 8. नियमित मासिक बैठकों का आयोजन
संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने एवं सदस्यों के बीच संवाद बनाए रखने के लिए जिला एवं उपखंड स्तर पर नियमित मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। - 9. मासिक पत्रिका एवं डिजिटल चैनल का शुभारंभ
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान की मासिक पत्रिका तथा डिजिटल न्यूज़ एवं संवाद मंच प्रारम्भ करने की दिशा में एक माह के भीतर आवश्यक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। बदलते परिदृश्य को देखते हुए संगठन की सोशल मीडिया टीम को और भी अधिक प्रवीण बनाया जाएगा। - 10. नवीन प्रदेश कार्यालय शीघ्र होगा प्रारम्भ,
संगठन के स्थायी एवं प्रभावी संचालन हेतु नवीन प्रदेश कार्यालय प्रारम्भ किया जा रहा है। इसके लिए जयपुर के सी-स्कीम स्थित अशोक मार्ग, दुर्गादास कालोनी को नवीन कार्यालय के रूप में चयनित किया गया है। - 11. पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम,
पत्रकारों की कार्यकुशलता, विधिक जागरूकता, डिजिटल मीडिया दक्षता, व्यक्तित्व विकास एवं व्यावसायिक उन्नयन के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की गई।
संगठन के नए युग की शुरुआत,
अधिवेशन में लिए गए ये निर्णय केवल संगठनात्मक विस्तार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पत्रकारों व उनके बच्चों के भविष्य की सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक प्रतिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता एवं कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किए गए हैं। यह अधिवेशन आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा प्रदेशभर के पत्रकारों को एक मजबूत, उत्तरदायी एवं प्रभावशाली मंच प्रदान करेगा।


