हादसे को न्योता: पंचायत समिति रैणी का मुख्य द्वार महीनों से क्षतिग्रस्त, जिम्मेदार मौन; एक ही परिसर में संचालित हैं कई ब्लॉक स्तरीय कार्यालय
रैणी (अलवर/ MK ) उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित पंचायत समिति रैणी कार्यालय का मुख्य द्वार पिछले दो-तीन महीनों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट चुका है। यह दरवाजा अपनी जगह से अलग होकर हवा में लटका दिखाई दे रहा है, जो कभी भी किसी वाहन, राहगीर या स्कूली छात्र पर गिर सकता है। इस मुख्य द्वार के ठीक नीचे से प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा और भयानक हादसा हो सकता है और किसी की जान-माल का नुकसान हो सकता है।
- दर्जनभर विभागों का इकलौता रास्ता
हैरानी की बात यह है कि इसी एक परिसर के अंदर रैणी ब्लॉक स्तर के लगभग दर्जनभर महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। पंचायत समिति कार्यालय के अलावा रैणी तहसीलदार कार्यालय, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय, कृषि विभाग और ट्रेज़री (कोष) कार्यालय जाने के लिए भी यही एकमात्र मुख्य रास्ता है। इन कार्यालयों में अपने काम से आने वाले आमजन के साथ-साथ सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी भी रोजाना इसी टूटे हुए दरवाजे के नीचे से लाचार होकर गुजरने को मजबूर हैं।
व्हाट्सऐप पर फोटो भेजने के बाद भी बीडीओ ने नहीं दिया जवाब
- इस गंभीर जनहित के मुद्दे को लेकर जब मीडिया कर्मियों द्वारा रैणी विकास अधिकारी (BDO) को उनके व्हाट्सऐप नंबर पर टूटे हुए मुख्य द्वार की तस्वीरें भेजकर इस संबंध में जानकारी और उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बीडीओ की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिउत्तर (जवाब) नहीं दिया गया। अधिकारियों का यह रवैया साफ दर्शाता है कि वे इस गंभीर समस्या के प्रति कितने उदासीन हैं।
- हादसे के बाद एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की तैयारी!
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित जिम्मेदार उच्चाधिकारी इस समस्या को देखकर भी अनजान बने हुए हैं। आमजन का आरोप है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी अनहोनी या जनहानि का इंतजार कर रहा है। अमूमन देखा जाता है कि कोई भयानक हादसा हो जाने के बाद ही अधिकारी जागते हैं और फिर जवाबदेही से बचने के लिए जिम्मेदारी एक-दूसरे विभाग पर थोपने लगते हैं।
- जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग
यह पूरी तरह से आम जनता की सुरक्षा और जनहित से जुड़ा हुआ मामला है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन व संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी के होने से पहले ही इस टूटे हुए मुख्य द्वार को तुरंत ठीक करवाया जाए, ताकि यहाँ आने-जाने वाले हजारों लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।


